निर्यातकों द्वारा डॉलर की बिकवाली और घरेलू शेयर बाजारों में तगड़ी रिकवरी से रुपया डॉलर के मुकाबले 47 पैसे मजबूत होकर 57.51 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
यह रुपये का एक सप्ताह का शीर्ष स्तर रहा। पिछले दिवस रुपया 57.98 पर था।
अंतर बैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपया मजबूती के साथ 57.75 पर खुला। आयातकों द्वारा डॉलर की मांग से यह सत्र के दौरान 57.93 के निचले स्तर तक गया।
हालांकि, बाद में वित्त मंत्रालय द्वारा आर्थिक सुधार में कुछ सकारात्मक कदम उठाए जाने के संकेतों से घरेलू शेयर बाजारों में तेजी आई, जिसकी बदौलत रुपया 47 रुपये की जोरदार उछाल लेकर 57.51 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
क्रिसिल रिसर्च का कहना है कि रुपये के 60 के नजदीक पहुंचने से सभी स्तरों पर सतर्कता देखी गई। रुपये में गिरावट अस्थायी है और यह मौजूदा स्तर से मजबूत होगा।
'अस्थायी आर्थिक समस्याओं का आनन-फानन में समाधान नहीं किया जा सकता है। इनसे निपटने के लिए सरकार लंबी अवधि के नजरिए के साथ सुधार के कदम उठाएगी। निवेश और आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार इस माल के आखिर या अगले माह तक कुछ नए कदमों की घोषणा करेगी।'
- पी. चिदंबरम, वित्त मंत्री