केंद्रीय मंत्री गोपीनाथ मुंडे का शव महाराष्ट्र रवाना कर दिया गया है। बुधवार को बीड़ के परली गांव में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
मुंडे का पार्थिव शरीर आज दिन में भाजपा कार्यालय में रखा गया, जहां उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी समेत कई दलों के नेताओं ने उन्हें श्रद्घांजलि दी।
महाराष्ट्र की भाजपा ईकाई ने मुंडे की मौत के पीछे साजिश की आशंका जताई है। वहीं, गोपीनाथ मुंडे के एक संबंधी ने एक ऐसी बात बताई है कि सभी चौंक गए हैं।
प्रमोद महाजनन के बहनोई थे गोपीनाथ मुंडे
गोपीनाथ मुंडे की गिनती महाराष्ट्र की राजनीति में कद्दावर नेताओं में होती थी। मुंडे भाजपा के ही एक अन्य नेता प्रमोद महजान के बहनोई थे। मुंडे और महाजन की मुलाकात पढ़ाई के दिनों में हुई।
70 के दशक में दोनो ने भाजपा की राजनीति में जगह बनाई।
1978 में प्रमोद महाजन की बहन प्रज्ञा से गोपीनाथ मुंडे का विवाह हुआ। राष्ट्रीय राजनीति में जैसे-जैसे प्रमोद महाजन का ग्राफ बढ़ा, महाराष्ट्र की राजनीति में मुंडे की जड़े मजबूत होती गईं।
पूनम महाजन को राजनीति में लेकर आए
8 साल पहले परिवारिक झगड़े में प्रमोद महाजन की हत्या हो गई। महाजन के छोटे भाई प्रवीण महाजन ने उन्हें गोली मार दी। महाजन परिवार के लिए ये मुश्किल घड़ी थी।
मुंडे ऐसे समय में न केवल प्रमोद महाजन के परिवार के लिए संबल बने, प्रवीण महाजन के परिवार ने भी उन्हें हितैषी के रूप में देखा। कुछ समय बाद प्रवीण महाजन की भी ब्रेन हैमरेज से मौत हो गई।
उन्हीं के प्रयासों का नतीजा था कि पूनम महाजन अपने पिता प्रमोद महाजन की राजनीतिक उत्तराधिकारी बन सकीं।
सारंगी महाजन ने किया चौंकाने वाला खुलासा
मुंडे की मौत की खबर फैलते ही प्रवीण महाजन की पत्नी सारंगी महाजन ने कहा कि मुंडे की मौत से उन्हें गहरा सदमा लगा है। उन्होंने कहा, 'वह (मुंडे) हमारी आखिरी उम्मीद थे, जो प्रमोद महाजन के परिवार के साथ हमारा समझौता करा सकते थे।'
सारंगी ने बताया कि महीने की तीसरी तारीख महाजन और मुंडे परिवार के लिए एक बार फिर अशुभ साबित हुई है।
उन्होंने बताया कि आठ साल पहले 2006 में प्रमोद महाजन की मौत मई की तीन तारीख को हुई थी। प्रवीण महाजन की मौत 3 मार्च, 2010 को हुई। मुंडे की मौत 3 जून को हुई है।
मुंडे ने 26 मई को शपथ ली थी
प्रमोद महाजन की मौत मुंबई स्थित हिंदुजा अस्पताल में हुई थी, जबकि प्रवीण महाजन की मौत थाणे स्थित जुपिटर अस्पताल में हुई थी।
केंद्रीय मंत्री गोपीनाथ मुंडे को कार दुर्घटना के बाद आज एम्स ले जाया गया।
डॉक्टरों के मुताबिक, मुंडे की पल्स रेट रास्ते में ही धीमी पड़ चुकी थी। इलाज के दौरान ही उनकी मौत हो गई। मुंडे ने 26 मई को केंद्रीय मंत्री के रूप में शपथ ली थी।