कर्नाटक में सत्ताधारी दल के 13 विधायकों के इस्तीफे और दो अन्य विधायकों के पार्टी छोड़ने की चेतावनी देने के बाद प्रदेश की भाजपा सरकार के अल्पमत में आने के आसार बन गए हैं।
हालांकि राज्य सरकार ने सोमवार को फैसला किया कि वह अपना कार्यकाल पूरा होने से पूर्व विधानसभा भंग नहीं करेगी।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार की अध्यक्षता में सोमवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में इस मुद्दे पर विचार-विमर्श किया गया। राज्य सरकार का कार्यकाल जून में पूरा हो रहा है। इसके चलते मई में यहां विधानसभा चुनाव कराए जाने की संभावना है।
गौरतलब है कि भाजपा के 13 विधायकों ने कुछ हफ्ते पूर्व विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था, जबकि तीन अन्य विधायकों के इस्तीफे स्पीकर केजी बोपैया के समक्ष लंबित हैं। इस बीच, दो अन्य विधायकों, राजू गौड़ा और बेलुरू गोपालकृष्णा ने भी भाजपा छोड़ने की घोषणा कर दी है।
सूत्रों के मुताबिक अगर ये दोनों विधायक पार्टी से इस्तीफा देते हैं और विधानसभा अध्यक्ष लंबित पड़े तीन विधायकों के इस्तीफे स्वीकार कर लेते हैं तो प्रदेश सरकार के सामने अल्पमत में आने का संकट खड़ा हो जाएगा। इस बीच, सूत्रों ने बताया कि बैठक के दौरान कैबिनेट ने राज्य में सात मार्च से होने वाले शहरी निकाय चुनावों के मद्देनजर अपने एजेंडे में शामिल ज्यादातर सूचीबद्ध मुद्दों को आगे के लिए टाल दिया।