जल्द ही योग बीएड के पाठ्यक्रम में अनिवार्य रूप से शामिल हो जाएगा। मोदी सरकार ने इसकी तैयारी कर ली है। इस संबंध में आयुष मंत्रालय ने प्रस्ताव तैयार किया है, जिसे मानव संसाधन विकास मंत्रालय की सहमति मिल चुकी है।
आयुष मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि योग संबंधी प्रस्ताव कुछ दिनों पहले मानव संसाधन विकास मंत्रालय को भेजा गया था, जिस पर हाल ही में सकारात्मक संकेत मिला है। जल्द ही इस मुद्दे पर बैठक होगी।
उम्मीद की जा रही है कि नए साल से इसे पाठ्यक्रम में जोड़ा जा सकेगा। योग को बीएड के पाठ्यक्रम में अनिवार्य रूप से शामिल करने से शिक्षक योग के महत्व को समझ सकेंगे और बच्चों को भी इसके फायदे समझाएंगे।
उल्लेखनीय है कि यूजीसी ने अक्तूबर में ही सभी विश्वविद्यालयों और संस्थानों को अपने पाठ्यक्रम में योग को शामिल करने का निर्देश दे दिया था। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने रविवार को कहा था कि संयुक्त राष्ट्र भी योग के महत्व को समझते हुए हर वर्ष 21 जून को विश्व योग दिवस मनाने का ऐलान करने जा रहा है।
इस प्रस्ताव को 170 देशों का समर्थन मिला है। सितंबर में पीएम मोदी ने संयुक्त राष्ट्र में अपने पहले संबोधन में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने की अपील विश्व समुदाय से की थी। जल्द ही संयुक्त राष्ट्र इसकी आधिकारिक घोषणा करेगा।