आकाश टैबलेट का भविष्य अब पीएमओ तय करेगा। मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा आकाश की खरीद में कोई रुचि नहीं दिखाने के कारण चौथी पीढ़ी का आकाश अभी तक हकीकत नहीं बन सका है।
दूसरी ओर आकाश के विकास तथा उत्पादन में सक्रियता दिखा रहा सूचना एवं तकनीकी मंत्रालय जल्द से जल्द इसका उत्पादन कराना चाहता है।
दोनों मंत्रालयों के बीच सहमति के लिए प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव पुलक चटर्जी ने दोनों मंत्रालयों के सचिवों की बैठक बुलाई है। चौथी पीढ़ी का उन्नत तकनीक वाला आकाश टैबलेट उत्पादन के लिए तैयार है।
आईटी मंत्रालय चाहता है कि आकाश टैबलेट का उत्पादन शुरू करने के लिए जल्द से जल्द निजी कंपनियों को आर्डर दिया जाना चाहिए। जब तक कोई थोक आर्डर नहीं होगा कोई भी निजी निर्माता आकाश के निर्माण के लिए जरूरी शुरुआती निवेश नहीं करेगा।
तत्कालीन मानव संसाधन मंत्री कपिल सिब्बल ने 50 लाख आकाश टैबलेट खरीदकर छात्रों को रियायती दामों पर देने की घोषणा की थी।
मंत्रालय को टैबलेट खरीद में सब्सिडी के लिए पिछले साल ही 750 करोड़ रुपये आवंटित किए जा चुके हैं। डेटाविंड को एक लाख आकाश टैबलेट की आपूर्ति का शुरुआती आर्डर दिया गया जिसकी आपूर्ति में देरी पर काफी विवाद भी हुआ।
अब मानव संसाधन मंत्री पल्लम राजू ने आकाश की आगे की खरीद करने तथा रियायती दरों पर छात्रों की योजना से हाथ खींच लिया है। मानव संसाधन मंत्रालय के पीछे हटने पर कपिल सिब्बल आकाश टैबलेट के प्रोजेक्ट को आगे ले जाने के लिए आईटी मिनिस्ट्री के माध्यम से काम करना चाहते हैं।
आकाश टैबलेट को कांग्रेस भी सरकार की उपलब्धियों में गिनाती रही है। ऐसे में जबकि कई राज्यों में युवाओं को लुभाने के लिए टैबलेट तथा लैपटॉप बांटे जा रहे हैं, केंद्र सरकार के आकाश योजना को ठप करने से राजनीतिक नुकसान भी हो सकता है। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए पीएमओ ने मामले में हस्तक्षेप किया है।
प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव पुलक चटर्जी ने आकाश टैबलेट का भविष्य तय करने के लिए उच्च शिक्षा सचिव अशोक ठाकुर तथा आईटी सेक्रेटरी जे. सत्यनारायण के साथ एक बैठक की है।