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'जमीर पर लगे बेबुनियाद आरोपों से होती है तकलीफ'

Thu, 23 May 2013 12:49 AM IST
नई दिल्ली/संजय मिश्र
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भ्रष्टाचार के मुद्दे पर लगातार वार कर रहे विपक्ष के तीरों का प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सियासी मुकाबला जरूर कर रहे हैं, मगर निजी रूप से वे इसको लेकर आहत भी हैं।
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यूपीए-2 सरकार के चार साल पूरा होने के जश्न के मौके पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान मनमोहन सिंह ने अपने इस निजी दर्द को बयान किया।

जब उनसे पूछा गया कि पिछले नौ साल में पीएम रहते हुए ऐसे कौन से दुखद पल का उन्होंने सामना किया, तो उन्होंने कहा कि जब उनके जमीर पर बेबुनियाद आरोप लगाए जाते हैं, तो उन्हें बहुत तकलीफ होती है।

अपनी तकलीफ के बारे में दर्द बयां करने के अलावा प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया है कि यूपीए सरकार तीसरी बार भी सत्ता में आएगी। साथ ही सोनिया गांधी के साथ उनके मतभेद की खबरों को उन्होंने खारिज कर दिया जबकि सोनिया गांधी ने भी इन खबरों को नकार दिया।
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प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें हमेशा यूपीए अध्यक्ष का समर्थन मिला है और वह इस बात के लिए हमेशा आश्वस्त भी रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि सोनिया गांधी ने गठबंधन की नैया को दिशा दी है और सरकार का काम आसान किया है।

दूसरी तरफ सोनिया ने भी कहा कि प्रधानमंत्री के साथ उनके बेहतर रिश्तों को शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता।

वहीं खाद्य सुरक्षा विधेयक को लेकर मनमोहन सिंह ने कहा कि यह किसी व्यक्ति विशेष का निजी विधेयक नहीं है। यह देश का विधेयक है। इसे संसद में पारित किया जाना चाहिए।

प्रधानमंत्री के रूप में अपने नौ साल की सबसे अच्छी याद के बारे में पूछे जाने पर मनमोहन सिंह ने कहा कि एक नहीं कई बातें हैं और इसको वह अपने तक ही सीमित रखना चाहते हैं।

अपनी सरकार को वह दस के मानक पर कितने अंक देंगे, इस पर चतुर राजनीतिज्ञ की तरह पीएम ने कहा कि अब वह खुद अंक नहीं देंगे बल्कि जनता उनके कामकाज के आधार पर नंबर देगी।

प्रधानमंत्री के अपने कार्यकाल में कोई ऐसा काम जिसकी कसक रह गई हो, इस पर उन्होंने सितारों के आगे भी जहां है, कहते हुए अभी काफी कुछ करने के अपने इरादों का संदेश देने की कोशिश की।
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