हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के सिर पर होने के बावजूद कांग्रेस में युवा और बुजुर्ग नेताओं का आपसी वाकयुद्ध बदस्तूर जारी है। एकजुट होकर चुनाव की तैयारियों में जुटने की बजाय बुजुर्ग नेता अपनी कुर्सी बचाने में लगे हुए हैं।
पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी को बैकफुट पर खड़ा करने वाले बुजुर्ग नेताओं के खिलाफ युवा नेताओं के उतरने से परिस्थितियां बदलने लगी हैं। दरअसल, पार्टी के बुजुर्ग नेताओं को अब अहसास हो गया है कि कांग्रेस के एक दर्जन से ज्यादा युवा सचिव अपने दम पर नहीं बल्कि पार्टी हाईकमान का समर्थन पाने के बाद ही उनके खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे हैं।
इन नेताओं को इसका भी अंदाजा लग गया कि प्रियंका के समर्थन के बाद ही ये सचिव एकजुट होकर बुजुर्ग नेताओं के खिलाफ बोल रहे हैं। परिस्थितियों को बदलता देख अब बुजुर्ग नेता युवा नेताओं की मुहिम में शामिल होने की जुगत में जुट गए हैं।