हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने रायबरेली व अमेठी समेत प्रदेश के छह वीआईपी जिलों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति किए जाने पर विद्युत नियामक आयोग को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने नियामक आयोग से प्रदेश के जिलों की बिजली वितरण व्यवस्था का ब्योरा तलब किया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायमूर्ति अमिताव लाला व न्यायमूर्ति अनिल कुमार की खंडपीठ ने मंगलवार को यह आदेश हिंदू पर्सनल लॉ बोर्ड की तरफ से अशोक पांडेय की याचिका पर दिया। याची का आरोप है कि राजनीतिक कारणों से सूबे के छह जिलों में 24 घंटे बिजली दिया जाना समानता के सिद्धांत के खिलाफ है। याचिका में प्रदेश के सभी धार्मिक स्थलों वाले जिलों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति किए जाने का आग्रह किया गया है।
उधर, राज्य सरकार की तरफ से जवाब में कहा गया कि रायबरेली, अमेठी, इटावा, मैनपुरी, कन्नौज व रामपुर जिलों में आए दिन वीआईपी की आवाजाही के मद्देनजर उनकी सुरक्षा के लिहाजा से वहां निर्बाध बिजली दी जाती है। राज्य सरकार की तरफ से अपर महाधिवक्ता बुलुबुल गोदियाल व यूपी पावर कारपोरेशन की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता एसके कालिया पेश हुए। उन्होंने कहा कि याचिका खारिज किए जाने योग्य है।
कोर्ट ने इस मामले में विद्युत नियामक आयोग का पक्ष सुने जाने को उचित मानते हुए आयोग को पक्षकार बनाने की इजाजत याची को दी। साथ ही विद्युत नियामक आयोग को नोटिस जारी कर जिलों की बिजली वितरण व्यवस्था संबंधी रिपोर्ट भी पेश करने को कहा है। हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायमूर्ति की लखनऊ पीठ में अगली सिटिंग पर खंडपीठ के समक्ष मामले में अगली सुनवाई होगी।