सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने साफ किया है कि वे यूपीए सरकार से अभी समर्थन वापस नहीं लेंगे। सच तो यह है कि कांग्रेस खुद ही इस साल चुनाव की संभावना पैदा कर रही है।
'आईबीएन 7' को दिए इंटरव्यू में मुलायम ने कहा' 'आखिर वे क्यों ऐसा सरकार लाना चाहेंगे जो महज आठ या नौ महीने ही चलेगी? सपा सांप्रदायिक पार्टियों का समर्थन कभी नहीं कर सकती है।'
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा था कि गठबंधन में यह संभावना बनी रहती है कि कोई सहयोगी आपका साथ छोड़ सकता है।
कांग्रेस को 'धोखेबाज' कहने पर सपा सुप्रीमो ने कहा 'मनमोहन सरकार ने अपने सहयोगी दल के एक मंत्री को जेल भेजा, इसलिए मैंने कांग्रेस को 'धोखेबाज' कहा।'
मुलायम ने फिर दोहराया कि कांग्रेस सीबीआई और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का दुरुपयोग कर रही है।
केंद्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा पर टिप्पणी करते हुए मुलायम ने कहा, 'बेनी प्रसाद छोटे व्यक्ति हैं। वही एकमात्र ऐसे शख्स हैं जो कांग्रेस के लिए मुश्किलें खड़ी कर रहे हैं।'
मुलायम ने एक बार फिर दोहराया कि अब अगली सरकार कांग्रेस और भाजपा की नहीं, बल्कि तीसरे मोर्चे की होगी।
यूपीए का सियासी आंकड़ा
आंकड़ों की लिहाज से देखे तो 18 सांसदों वाली द्रमुक के समर्थन वापस लेने के बाद यूपीए के पास 233 सांसद हैं। इनमें कांग्रेस के 203, एनसीपी के 9, रालोद के 5 और अन्य दलों के 16 सांसद हैं।
बाहर से समर्थन दे रहे सपा(22), बसपा(21), राजद(4) और जेडीएस(3) को मिलाकर देखे तो यह आंकड़ा 283 हो जाता है। इस प्रकार सपा के 22 सांसद यूपीए सरकार की स्थिरता और बहुमत (271) के लिए बेहद अहम हैं।