दुष्कर्म पीड़िता का बयान अगर भरोसे के लायक और विश्वसनीय हो, तो आगे इसकी पुष्टि जरूरी नहीं। बांबे हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी एक दुष्कर्म के मामले में सेशन कोर्ट का फैसला बरकरार रखते हुए की।
बांबे हाईकोर्ट के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश वीके तहिलरमानी और न्यायाधीश एएस गडकरी की खंडपीठ ने 16 सितंबर को यह टिप्पणी की।
अदालत ने सेशन जज द्वारा सांगली के 23 वर्षीय पांडुरंग लालासाहेब यादव को अपने ही गांव की एक 10 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के मामले में सुनाई गई 10 साल की सजा को सही ठहराया।