‘मेक इन इंडिया’ की तर्ज पर ‘मेक इन महाराष्ट्र’ योजना भूमिपुत्र बनाम बाहरी के मुद्दे पर आकर अटक सकती है। महाराष्ट्र की भाजपा सरकार में शामिल शिवसेना कोटे से उद्योग मंत्री सुभाष देसाई ने कंपनियों में 80 फीसदी भूमिपुत्रों को रोजगार का फार्मूला लागू कर दिया है।
20 फीसदी कोटे में बाहरी राज्यों के लोगों के बारे में विचार किया जाएगा। सरकार के रुख से जहां दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों को राज्य में काम मिलना मुश्किल हो जाएगा, वहीं मौजूदा समय में कार्यरत अन्य राज्यों के लोगों की छंटनी भी शुरू हो सकती है।
उद्योग मंत्री देसाई ने बताया कि महाराष्ट्र औद्योगिक विकास कारपोरेशन (एमआईडीसी) के पास 70 हजार एकड़ जमीन है। एमआईडीसी देश की सबसे बड़ी लैंडलार्ड है, इसलिए देश की जीडीपी में महाराष्ट्र का 14 फीसदी योगदान है।