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सपा नेता की गाड़ी के लिए यूपी पुलिस ने बर्बरता की हदें लांघी

Sun, 08 Feb 2015 01:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हाथरस
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यूपी में सत्ताधारी विधायक की चोरी गई गाड़ी की बरामदगी के लिए पुलिस ने बर्बरता की सारी हदें लांघ दीं। गाड़ी की बरामदगी के लिए पुलिस ने एक युवक पर जमकर जुल्म ढाया। पहले उसे चंदपा थाने ले जाकर जमकर टॉर्चर किया। उसे पेड़ पर उल्टा लटका कर पीटा जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। परिजनों ने युवक को जिला अस्पताल में दाखिल कराया है।
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पिछले दिनों सत्ताधारी विधायक देवेंद्र अग्रवाल की बोलेरो जीप, उनके पैतृक गांव बिसाना से चोरी हो गई थी। चोरी की रिपोर्ट अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज कराई गई थी। मामला चूंकिसत्ताधारी विधायक की गाड़ी चोरी होने का था, इसलिए पुलिस आनन-फानन हरकत में आ गई।

सलीम उर्फ नेहना पुत्र बाबू खां निवासी बिसाना थाना चंदपा का आरोप है कि वह बीए तृतीय वर्ष का छात्र है। 4 फरवरी को वह जब क्रिकेट खेल रहा था तो उसे थाना चंदपा की जीप में आए पुलिसकर्मी मारते-पीटते ले गए। थाने में उसे गालियां देकर मारना-पीटना शुरू कर दिया और यह कहा कि वह रामवीर उपाध्याय को वोट दिलवाता है और बिस्तर लगाता है। उसके बाद धमकी देकर उसे लॉकअप में बंद कर दिया।
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पुलिस के टॉर्चर से हुआ बेहोश

आरोप है कि रात में साढ़े 10 बजे उसे लॉकअप से बाहर निकाला। पुलिसकर्मी उसे वहां ऑफिस के पीछे ले गए। उसे दीवार से लगाकर कुर्सी की तरह खड़ा कर लिया और यह कहने लगे कि जब तक वह गाड़ी चोरी की हां नहीं कहेगा। तब तक उसे पीटते रहेंगे। आरोप है कि इन लोगों ने मारपीट करते समय खुद को एसओजी वाला बताया। उसके बाद सलीम के  मुंह में कपड़ा ठूंसकर दोनों हाथ पीछे से बांध दिए और पेड़ से रस्सी डालकर उसे उल्टा लटका कर पीटा।

सलीम के मुताबिक पुलिस कर्मी विधायक के चालक रवि से यह कह रहे थे कि यदि इसने हां नहीं किया तो और बुरा हाल करेंगे। इसके बाद सलीम बेहोश हो गया। बाद में रात्रि साढ़े 12 बजे उसे यह लोग होश में लाए और अगले दिन किसी से कुछ नहीं कहने की धमकी देकर छोड़ दिया। गंभीर रूप से जख्मी सलीम को परिजनों ने शनिवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया।

विधायक सादाबाद देवेंद्र अग्रवाल का कहना है कि मेरी गाड़ी चोरी हुई है। पुलिस किससे पूछताछ कर रही है, इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं है। पुलिस ने तो उनके ड्राइवर तक से पूछताछ की है। गांव के किसी युवक को पुलिस पूछताछ को ले गई, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है और न ही उन्हें कोई मतलब है।

एसपी दीपिका तिवारी ने बताया कि इस तरह का कोई मामला मेरे संज्ञान में नहीं है और न ही कोई शिकायत आई है। यदि शिकायत मिलेगी तो जांच करा कार्रवाई की जाएगी।
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