राज्य सरकार के बाद अब केंद्र ने भी उत्तराखंड में बाढ़ से तबाह हुए क्षेत्रों में किसी तरह की बीमारी फैलने की आशंका को सिरे से खारिज कर दिया है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में केंद्र की ओर से भेजी गई डॉक्टरों व वरिष्ठ अधिकारियों की टीमें पहले से ही वहां तैनात हैं। अभी तक वहां किसी भी तरह की जल जनित, हवा जनित अथवा खाद्य सामग्री बीमारी के लक्षण नहीं मिले हैं।
मंत्रालय का कहना है कि तबाही के तत्काल बाद ही केंद्रीय स्वास्थ्य टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुंच गई थीं। वहां पर किसी तरह की बीमारी को फैलने से रोकने के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
इसी वजह से उत्तराखंड के प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। प्रभावित क्षेत्रों से पानी, हवा और खाद्य सामग्री या सीधे संपर्क से फैलने वाली किसी भी बीमारी के फैलने की अभी तक कोई सूचना नहीं है।
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि हरिद्वार के (अलवलपुर) उत्तरकाशी के उडवी और रुद्रप्रयाग के चंद्रपुरी में डायरिया के मामले सज्ञान में आए थे, लेकिन उन पर प्रारंभिक स्तर में ही काबू पा लिया गया।
कोलकाता स्थित आल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हाइजीन से एक तीन सदस्यीय जन स्वास्थ्य दल भी राज्य में पहुंच चुका है। इसके अलावा चमोली और जोशीमठ के प्रभावित क्षेत्रों में तीन जन स्वास्थ्य टीमें पहले से तैनात हैं।
केंद्र की ओर से राज्य में तैनात टीमों की ओर से की जा रही दवाओं और अन्य चिकित्सा उपकरणों की मांग को तत्काल पूरा किया जा रहा है।