यहां की विशेष अदालत ने रेल घूस कांड में शामिल होने के आरोपी रेलवे बोर्ड सदस्य महेश कुमार को पूछताछ के लिए दो दिन की रिमांड पर सीबीआई के हवाले कर दिया।
इस मामले में रेल मंत्री के भांजे विजय सिंगला को शुक्रवार को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया गया था।
महेश इसके पहले वेस्टर्न रेलवे में महाप्रबंधक के पद पर तैनात थे और उन्हें हाल ही में प्रमोट करके रेलवे बोर्ड का सदस्य (स्टॉफ) बनाया गया है।
शुक्रवार रात महेश दिल्ली से जैसे ही मुंबई एयरपोर्ट पर उतरे उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें शनिवार को सीबीआई की विशेष अदालत के समक्ष पेश किया गया।
रकम देन वाले शख्स मंजुनाथ को भी सीबीआई ने चंडीगढ़ से गिरफ्तार कर लिया।
मंजुनाथ को महेश का खास आदमी बताया जा रहा है।
जांच एजेंसी के मुताबिक महेश कुमार ने रेलवे बोर्ड सदस्य (इलेक्ट्रिकल) बनने के लिए विजय को दो करोड़ रुपये देने की पेशकश की थी, जिसमें से 90 लाख रुपये की रकम का भुगतान कर दिया गया था और बाकी की रकम में बाद में दी जानी थी।
रेलवे बोर्ड सदस्य (इलेक्ट्रिकल) का पद काफी महत्वपूर्ण होता है और दो हजार करोड़ रुपये मूल्य के टेंडर जारी करने से लेकर पास करने में इसकी अहम भूमिका होती है।
इस मामले में गिरफ्तार संदीप गोयल सौदे में विचौलिए की भूमिका निभा रहा था।
कूरियर पहुंचाने वाले दो युवकों को भी गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इन युवकों ने ही घूस की राशि मंजुनाथ और सिंगला तक पहुंचाई। कुल मिलाकर इस मामले में अब तक छह लोग गिरफ्तार हो चुके हैं।