जदयू-भाजपा गठबंधन टूटने की आशंकाओं के बीच पूर्व भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी और जदयू अध्यक्ष शरद यादव ने आज मुलाकात की।
मुलाकात के बाद शरद यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पिछले तीन चार दिनों के हालात पर चर्चा करने के लिए पार्टी ने बैठक बुलाई है। बैठक का समय और स्थान अभी तय नहीं है।
उन्होंने बताया कि इस बारे में आज शाम तक फैसला लिया जाएगा। बैठक के बाद ही नई परिस्थितियों के बारे में पार्टी अपनी राय जाहिर करेगी।
गौरतलब है कि नरेंद्र मोदी को चुनाव समिति की कमान सौंपे जाने के बाद जदयू और भजपा के रिश्ते में लगातार दूरियां बढ़ती जा रही हैं।
जदयू मान रहा है कि अब भाजपा पीएम पद का उम्मीदवार मोदी को ही बनाएगी, जबकि पार्टी सेक्यूलर छवि के नेता को ही प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने पर मांग कर रही है।
इसी के बाद जदयू ने अलग राह पकड़ने का फैसला किया है।
भाजपा है जदयू की ऑक्सीजन
भाजपा और जदयू के बीच चल रहे टकराव के बीच शिवसेना भी कूद पड़ी है। शिवसेना
ने जदयू को नसीहत देते हुए भाजपा से अलग होन को लेकर चेतावनी दे डाली है।
शिवसेना ने अपने मुखपत्र 'सामना' में कहा है कि पंजाब में अकाली सरकार की
तरह बिहार में नीतीश सरकार के लिए भी भाजपा 'ऑक्सीजन' की तरह है। अगर भाजपा
से जदयू अलग होती है तो उसे 'आईसीयू' में भर्ती होना पड़ेगा।