जाट आंदोलन की वजह से हरियाणा के 21 में से 8 जिलों में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। 5 जिलों में कर्फ्यू हैं। सेना ने मोर्चा संभाल लिया है। रोहतक में लोग अभी भी सड़क पर उत्पात मचा रहे हैं।
जाट आंदोलन के चलते रोहतक, भिवानी, सोनीपत, झज्जर के बाद अब जींद में भी कर्फ्यू लगा दिए है। कैथल में 8 रोडवेज और 3 बसों को आग लगाने की खबर मिली है। हरियाणा रोडवेज की बसों पर चंडीगढ़ में ब्रेक लगा दिए गए है। हिमाचल से दिल्ली जाने वाली बसों को चंडीगढ़ से आगे नहीं जाने दिया जा रहा।
उधर, कर्फ्यू के बावजूद झज्जर में स्थिति बेहद तनावपूर्ण है। पुलिस ने स्टेडियम के बाद प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के मकसद से फायरिंग शुरू कर दी है। फायरिंग में दो लोगों की मरने की खबर है। 15-16 लोगों को गोली लगी है। इसमें से 6 लोगों को गंभीर हालत में पीजीआई रेफर किया गया है।
वहीं, जाट आंदोलन का असर गुड़गांव के उधोगों पर भी पड़ना शुरु हो गया है। कार निर्माता कंपनी मारुति ने इससे गुड़गांव और मानेसर स्थित तीन प्लांटों में बी और उसी शिफ्ट में अवकाश कर दिया है। इसके चलते कंपनी के कारों के उत्पादन पर 50% की गिरावट आई है। इन दो फैक्ट्रियों में प्रतिदिन 500 गाड़ियों का उत्पादन होता था जो घटकर 250 प्रतिदिन पर पहुंच गया।
जाट आंदोलन का असर दिल्ली पर भी देख जा रहा है। जिसके लिए पानी की सप्लाई बाधित हो गई है। हालात पर चर्चा करने के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की है।
वहीं यह खबर भी आ रही है कि जाटों की नाराजगी की सबसे बड़ी वजह बने भाजपा सांसद राजकुमार सैनी को पार्टी ने नोटिस जारी कर उनके बयानों पर सफाई मांगी है। बता दें कि सैनी ने बयान दिया था कि जाटों के आरक्षण के विरोध में वो अन्य पिछड़ी जातियों को सड़कों पर उतार देंगे।