दो अक्तूबर को पश्चिम बंगाल के बर्दवान के छोटे से कस्बे में आतंकियों की छोटी से चूक से हुए धमाके ने आतंक के नए माड्यूल का पर्दाफाश किया है। मामले की जांच कर रही नेशनल इनवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) पिछले पांच साल से अति गुप्त तरीके से चल रहे इस संगठन के हो रहे सनसनीखेज खुलासे पर खुद अचरज में है।
देश में आतंकवाद का यह मॉड्यूल 20- 30 साल के युवाओं को नहीं बल्कि अधेड़ उम्र के शादीशुदा जोड़ो को तवज्जो देता है। इनका काम खदानों में इस्तेमाल होने वाले विस्फोटक को गैरकानूनी तरीके से हासिल कर ऑर्डर पर आईईडी संचालित बम बनना है। इस मॉड्यूल में महिलाओं की संख्या पुरुषों से कम नहीं।
एनआईए इस मामले की जांच के सिलसिले में इसी महीने बांग्लादेश जाने वाली है। बांग्लादेश की शेख हसीना सरकार ने भारत को जांच में पूरे सहयोग को तैयार है।
गृह मंत्रालय के उच्चपदस्थ सूत्र ने अमर उजाला को बताया कि अब तक की जांच में इस संगठन का इंडियन मुजाहिद्दीन या पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठनों से कोई संबंध नहीं मिला है।