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रेल बजट से नाराज सहयोगी दलों ने कांग्रेस को घेरा

Tue, 26 Feb 2013 11:56 PM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
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रेल बजट को लेकर विपक्ष के हमलों को झेल रही यूपीए सरकार को अपनों ने भी नहीं बख्शा। यूपीए सरकार की समन्वय कमेटी की बैठक में जहां एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने रेल बजट में मुंबई की अनदेखी किए जाने पर अपनी नाखुशी प्रकट की, वहीं दूसरी ओर श्रीलंका के तमिलों के मसले पर सरकार के सख्त रवैया नहीं अपनाने की डीएमके ने कड़ी आलोचना की।
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लोकसभा में रेल बजट पेश होने के कुछ घंटों बाद यूपीए समन्वय समिति की बैठक हुई। सूत्रों के मुताबिक, तीन घंटे तक चली बैठक में पवार ने कहा कि मुंबई के 80 लाख रेल यात्रियों की समस्याओं को पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया है। एनसीपी ने कहा कि यह अनदेखी अस्वीकार्य है। यह बैठक प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बुलाई थी।

बैठक में अन्य लोगों के साथ यूपीए चेयरपर्सन और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी मौजूद थीं। डीएमके के सांसद टीआर बालू ने श्रीलंकाई तमिलों के मसले पर सख्त रवैया नहीं अपनाने के लिए सरकार की आलोचना की।
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यूपीए के एक अन्य सहयोगी दल आरएलडी ने उत्तर प्रदेश के विभाजन का मुद्दा उठाया। सहयोगी दलों ने यूपीए नेतृत्व से कहा कि गठबंधन दलों ने 2004 में सत्ता में आने के बाद राष्ट्रपति के अभिभाषण में तेलंगाना के मसले पर कुछ प्रतिबद्धता व्यक्त की थी और इसे पूरा किया जाना चाहिए।

उत्तर प्रदेश के पश्चिमी जिलों को मिलाकर हरित प्रदेश की मांग कर रहे अजीत सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश असहनीय राज्य बन गया है। सूत्रों ने बताया कि यूपीए नेतृत्व ने विभिन्न मसलों पर विचार विमर्श का आश्वासन दिया। इस साल यूपीए समन्वय समिति की यह पहली बैठक थी।
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