पूर्व आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया है। कोर्ट ने यह वारंट मोदी के खिलाफ चल रहे मनी लॉन्डरिंग के मामले में जारी किया है।
गौरतलब है कि मनी लॉन्डरिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने ललित मोदी के खिलाफ केस दर्ज करा रखा है और उसने पिछले हफ्ते वारंट जारी कराने के लिए कोर्ट में अर्जी दी थी। इस गैर जमानती वारंट के बाद ललित मोदी की गिरफ्तारी की संभावनाएं बढ़ गई हैं।
विशेष न्यायाधीश पीआर भावाके ने पूछा था कि एजेंसी उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं कर रही है और गैर-जमानती वारंट मांगा। उन्होंने जानना चाहा कि क्या जांच के दौरान वारंट जारी किया जा सकता है। ईडी के वकील हितेन वेनेगांवकर ने कहा कि ललित मोदी भारत में उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए एनबीडब्ल्यू जारी किया जाना चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि ललित को 2009 से अबतक जारी किए गए समन का उन्होंने पालन नहीं किया है। न्यायाधीश ने पूछा कि क्या ललित मोदी अदालत के समक्ष आरोपी हैं, क्योंकि ईडी ने उनके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल नहीं किया है। न्यायाधीश भावाके ने कहा कि एनबीडब्ल्यू जारी करने के लिए व्यक्ति को अदालत के समक्ष आरोपी होना चाहिए।
ईडी के वकील ने कहा कि मामला पूर्व-जांच के स्तर पर है और सुप्रीम कोर्ट ने पिछली एक व्यवस्था में कहा था कि जांच के दौरान एनबीडब्ल्यू जारी किया जा सकता है।