पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की बिना शर्त बातचीत की घोषणा को भले ही भरपूर चर्चा मिल रही हो, मगर भारत इसे फिलहाल इस घोषणा को महज सियासी शिगूफा ही मान रहा है।
यही कारण है कि भारत ने फिलहाल नवाज की इस घोषणा को तवज्जो न देने की रण्नीति के तहत आगे बढ़ कर जवाबी सकारात्मक प्रतिक्रिया से खुद को बचाए रखा है।
सरकारी सूत्रों का कहना है कि अगर नवाज अपने घोषणा के प्रति वाकई संजीदा होते तो इस घोषणा के साथ ही इस संबंध में आधिकारिक प्रस्ताव भेजे जाने का भी संदेश देते।
इसके अलावा चूंकि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कश्मीर पर बातचीत पर अड़े रह कर ऊफा में तय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) स्तर की बातचीत को पटरी से उतार दिया था। इसलिए भी भारत नवाज की इस घोषणा को सियासी शिगूफे से ज्यादा अहमियत देने केलिए तैयार नहीं है।
हालांकि इसके बाजवूद भारत फिलहाल नवाज के घोषणा के बाद पाकिस्तान के भावी रुख का इंतजार कर है। गौरतलब है कि नवाज ने शनिवार को अचानक भारत केसाथ बिना शर्त बातचीत के लिए पाकिस्तान के तैयार होन होने की घोषणा कर एकबारगी सबको चौंका दिया था।