फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पाक जासूस एजाज से पत्नी ने तोड़ा नाता, सास का बड़ा खुलासा

विज्ञापन
विज्ञापन
मां-बाप के बिहार से आने के बाद पाकिस्तानी जासूस एजाज की बीवी आसमा की भी आंखें खुल गई हैं। रविवार को उसके तेवर बिल्कुल बदले नजर आए।
विज्ञापन


एक दिन पहले जहां वह एजाज के साथ रहने की बात कर रही थी, रविवार को उसके सुर बदल गए। कहने लगी कि वह एजाज की सूरत भी नहीं देखना चाहती है। मैं भारतीय हूं, मैंने कोई गुनाह नहीं किया।

पाकिस्तान से आकर मोहम्मद एजाज उर्फ कलाम ने नाम बदलकर मेरे साथ धोखाधड़ी की है। सरकार को चाहिए कि उसकी तरफ से भी एजाज के खिलाफ मुकदमा दर्ज करे। मैं अपने देश से गद्दारी करने वाले से कोई नाता नहीं रखना चाहती हूं। बस एक ही तमन्ना है कि बेटा पैदा हुआ तो उसे भारतीय सेना का जवान बनाने के लिए तैयार करूंगी।
विज्ञापन


आसमा ने कहा कि एजाज ने खुद को कलाम बताकर निकाह करके रिश्ते ही बुनियाद ही झूठ से रखी थी। इससे यह भी साबित हो रहा है कि मुझसे शादी भी उसने हिंदुस्तान में रहने के लिए की थी। हमारी गरीबी का फायदा उठाकर उसने बहुत बड़ा धोखा किया है।

कम शेयर करता था पर्सनल बातें
आसमा ने कहा कि उसकी बर्बादी के लिए उसके रिश्तेदार बाबर का भी हाथ है। आसमा बोली, मैंने एजाज को हिंदी पढ़ाई है। वह उर्दू और अंग्रेजी अच्छे से पढ़ लेता है लेकिन तीन साल साथ रहने के दौरान कभी उसने खुद के पाकिस्तानी होने का एहसास तक नहीं होने दिया।

एजाज अपनी पर्सनल बातों को उसके साथ बहुत कम शेयर करता था। आसमा का कहना है कि वह एक महीने बाद एजाज के बच्चे की मां बनने वाली है। गर्भ कम दिनों का होता तो मैं गिरवा देती, लेकिन अब सोच रही हूं कि इस बच्चे की क्या गलती है। बेटा पैदा हुआ तो उसका इस तरह के पालन पोषण करूंगी कि वह सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करे।

'पहले भी चार साल बरेली में रहा है एजाज'

पाकिस्तानी जासूस मोहम्मद एजाज उर्फ कलाम की सास जहांआरा ने एक नया खुलासा किया है। उसका कहना है कि शादी से पहले भी एजाज चार साल बरेली में रहा है। शहर में फोटोग्राफी का ही काम करता था। शादी के बाद उसने यह बात उनसे भी बताई थी।

एजाज कहता था कि वह बरेली से विमल स्टूडियो पर शादी से पहले भी चार साल काम कर चुका है। लखनऊ और मुंबई में भी वह काफी समय रहा है। शादी के बाद वह उनके साथ तीन-चार माह तक रहा, कभी उसने पाकिस्तानी होने का एहसास नहीं होने दिया।

पंजाबी बोलता था तो टोकने के बाद कहता था बाहर रहने की वजह से कई भाषाएं जानता हूं। शादी से पहले वह उनके बेटे रहीम को लेकर मकान देखने के लिए आया था। शादी होने के बाद वह उनकी बेटी को लेकर बरेली में आकर रहने लगा।

एजाज से कनेक्शन तलाशने में जुटीं खुफिया एजेंसियां

किसी पाक मेहमान का तो गोपनीय दस्तावेज भेजने के लिए मोहम्मद एजाज ने इस्तेमाल नहीं किया है। खुफिया एजेंसियां पिछले तीन सालों में बरेली आने वाले पाकिस्तानी मेहमानों से एजाज का कनेक्शन भी तलाश रही हैं।

इस साल नवंबर में पाकिस्तान से अपने परिवार के लोगों के मिलने के लिए 32 मेहमान आए थे। इनमें से 10 मेहमान वापस लौट गए हैं। इसी तरह हर महीने वीजा मिलने पर पाकिस्तानी मेहमानों का अपने रिश्तेदारों से मिलने आने का सिलसिला जारी रहता है।

सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई अपने देश के ऐसे लोगों पर भी नजर रखती है, जो अपने खून के रिश्तों का फायदा उठाकर भारत में आसानी से आ सकते हैं। ऐसे लोगों का इस्तेमाल करने की भी आशंका बनी रहती है।

हालांकि पासपोर्ट के आने वाले पाक नागरिकों पर भी कड़ी निगाह रखी जाती है। उनके रिश्तेदारों से इस आशय से शपथ पत्र भी लिया जाता है उसकी हर हरकत की जिम्मेदारी आपकी होगी। इसके बावजूद भी तमाम संभावनों के इनकार नहीं किया जा सकता है।

जिस तरह एजाज के करीब पांच साल बरेली में रहने की बात सामने आ रही है। इसलिए खुफिया एजेंसियां पिछले तीन साल में बरेली आने वाले पाकिस्तानी मेहमानों की कुंडली तलाश कर रही हैं।
विज्ञापन

फरीदपुर में बने थे फर्जी आधार कार्ड

आसमा ने बताया कि उनका और मोहम्मद एजाज उर्फ कमाल का आधार कार्ड फरीदपुर के फोटोग्राफर मनोज गुप्ता ने अपने किसी परिचित से बनवाया था। एजाज उसे अपने साथ फरीदपुर ले गया था। इसके लिए उन्होंने किसी नेता से दीवानखाना में रहने की बात भी लिखवा रखी थी। वहां एक बार हम लोग फोटो खिंचवाने के लिए गए थे। इसके बाद आधार कार्ड लेने के लिए गए तो 250 रुपये देकर आए थे।    

एजाज के कई करीबियों से होगी पूछताछ
एजाज के कई करीबियों के एसटीएफ पूछताछ करेगी। इसके लिए सूची बना ली गई है। किराए का मकान दिलाने वाले मोहल्ला पुलों के निवासी ताहिर हुसैन वारसी(मुन्ने) से कई एजेंसियां पूछताछ कर चुकी हैं। रविवार को मुन्ने भाई ने एजाज के काम के बकाए 3100 रुपये उसकी पत्नी आसमा को दे दिए हैं।

उन्होंने बाकी लोगों से भी फोन करके एजाज की पत्नी को उसके काम के रुपये देने को कहा है। उधर, कैंट के फोटोग्राफर आसिफ से भी कई एजेंसियां पूछताछ कर चुकी हैं। पीलीभीत के बीसलपुर के अखिलेश राठौर, रेलवे कालोनी, इज्जतनगर के रिंकू राठौर, बटलर के मनप्रीत सिंह और मोहित कुमार से भी एजाज के बारे में पूछताछ की जानी है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें