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आपको रुला देगी 12 साल बाद मिलन की ये कहानी

Sat, 14 Feb 2015 09:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
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उम्मीद के सारे दरवाजे बंद हो चुके थे। परिजन तलाशते-तलाशते थक चुके थे। अब उनके हाथ कुछ था तो बस इंतजार... जो इतना लंबा होता जा रहा था कि अम्मी बर्दाश्त नहीं कर सकीं।
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अब्बू की आंखें भी पथरा चुकी थीं। अब सहारा था तो बस किसी करिश्मे का। हुआ भी वही। आठ साल की उम्र में परिवार से बिछड़ा नसीम शुक्रवार को घर लौट आया। अब उसकी उम्र 20 साल है। आज नसीम को देखकर अब्बू, उसके बड़े भाई और दादी फूले नहीं समा रहे हैं।

बात 12 साल पहले की है। श्यामनगर गली नंबर-4 निवासी सलीम का आठ वर्षीय बेटा नसीम परिवार के लोगों के साथ नौचंदी का मेला देखने गया था। इस दौरान वह परिजनों से बिछड़ गया।
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अब्बू सलीम और अम्मी वकीला ने उसे कहां-कहां नहीं ढूंढ़ा, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। इस पर परिजनों ने पिलोखड़ी चौकी पर उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी। इसके बाद भी परिजन उसे तलाशते रहे, लेकिन असफलता ही हाथ लगी। उधर, छोटे बेटे से बिछड़ने का गम वकीला को अंदर ही अंदर खोखला करता गया। इसी सदमे में छह साल पहले उनका इंतकाल भी हो गया।
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वह फरिश्ता था, जो मेरठ ले आया

नसीम के मुताबिक, परिजनों से बिछड़ने के बाद वह सर्कस में काम करने वालों के संपर्क में आ गया था। इसके बाद वह उन्हीं के साथ रहने लगा। उनके साथ काम भी करने लगा।

दो माह पहले नसीम को अपने घर की याद आई तो उसने सर्कस वालों का साथ छोड़ दिया। खुशकिस्मती से सर्कस छोड़ने के बाद उसका संपर्क रामपुर निवासी इरशाद कुरैशी से हो गया।

नसीम ने उसे पूरा किस्सा सुनाया तो इरशाद ने उसे घर पहुंचाने का आश्वासन दिया। नसीम को अपने अम्मी-अब्बू का नाम तो मालूम था, लेकिन पूरा पता नहीं बता सका। इसके बाद भी इरशाद शुक्रवार सुबह नसीम का घर ढूंढ़ते-ढूंढ़ते पिलोखड़ी चौकी पहुंच गया।
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जिगर के टुकड़े को सीने से लगाया

काफी तलाश की पर कुछ पता नहीं चला तो श्यामनगर क्षेत्र की करीब एक दर्जन मस्जिदों से नसीम और उसके पिता के नाम का ऐलान कराया गया। करीब घंटेभर बाद एक शख्स मस्जिद पहुंचा।

नसीम को पहचानते हुए उसे अपने सीने से लगा लिया। वह कोई और नहीं, बल्कि नसीम का पिता सलीम था। इसके बाद इरशाद और पुलिसकर्मी उन्हें लेकर पिलोखड़ी चौकी पहुंचे। औपचारिकताएं पूरी कर नसीम को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।

नसीम को सकुशल देख उसके बड़े भाई वसीम और दादी शरीफन के चेहरे पर खुशी देखते ही बन रही है।
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