विदेश में जमा काले धन को वापस लाने में दुनिया के देशों के ‘असहयोग’ के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी-20 के मंच पर इस मुद्दे को मजबूती से उठाने की तैयारी कर ली है। जी-20 बैठक में शामिल होने से पहले ब्रिक्स देशों के प्रमुखों के साथ एक अनौपचारिक मुलाकात में उन्होंने शनिवार को कहा कि दुनिया के प्रमुख औद्योगिक और उभरती अर्थव्यवस्था वाले देश काले धन के मसले पर साथ आएं। साथ ही उन्होंने गुपचुप तरीके से आर्थिक सुधारों को लागू करने की जगह इस प्रक्रिया को जनता से जोड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि सुधारों का विरोध होना तय है पर हमें इसे राजनीति से दूर रखना चाहिए।
ब्रिक्स देशों के प्रमुखों- चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब जुमा और ब्राजील की राष्ट्रपति डिल्मा रॉसेफ के साथ मुलाकात में प्रधानमंत्री ने कहा कि काले धन को स्वदेश लाना उनकी सरकार की प्राथमिकता है और इस लक्ष्य को हासिल करने में वह दुनिया के देशों के साथ करीबी सहयोग चाहते हैं।
उन्होंने इस मसले पर भारत के रुख को गंभीरता से नहीं लेने वाले देशों को आगाह करते हुए कहा कि काला धन अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी चुनौती बनता जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि काले धन के मसले पर दुनिया के देशों के साथ करीबी सहयोग उनके लिए एक अहम मुद्दा है। घरेलू मोर्चे पर काले धन को लेकर विपक्ष के निशाने पर आए मोदी ने इन नेताओं के समक्ष यह स्पष्ट किया कि उनके लिए काले धन के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग के महत्व को उठाना क्यों बेहद अहम है।