सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एचएल दत्तू ने शनिवार को कहा कि यौन हिंसा से महिलाओं की रक्षा केवल सख्त कानूनों से नहीं की जा सकती है।
इस समस्या से निपटने के लिए एक समग्र और व्यवस्थित दृष्टिकोण अपनाना होगा। साथ ही उन्होंने परिवार नियोजन योजनाओं को लागू करने में सरकार के रवैये पर अपनी नाराजगी जताई।
जस्टिस दत्तू ने कहा कि यौन हिंसा एक गंभीर मसला है और यदि देश को इस बुराई को खत्म करना है तो तत्काल कदम उठाने होंगे। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि सख्त कानूनों से यौन हिंसा में कमी आएगी जैसे कि गहरे जख्म में मरहम से कुछ राहत मिलती है।
इस दौरान उन्होंने बिलासपुर में हुए नसबंदी हादसे का भी जिक्र किया और परिवार नियोजन को लेकर सवाल खड़े किए।