शहरी इलाकों में भाजपा को आम आदमी पार्टी से मिलने वाली संभावित चुनौती से निपटने के लिए नरेंद्र मोदी केवल अपनी पार्टी या उसकी युवा इकाई पर ही भरोसा नहीं कर रहे। बल्कि उनकी योजना कुछ और है।
भाजपा के सांगठनिक ढांचे और कामकाज से अलहदा मोदी ने उनके समर्थन में काम करने वाली संस्थाओं को भी मैदान में उतार दिया है, ताकि आम आदमी पार्टी से मुकाबला करने में आसानी हो।
मोदी ने युवाओं को अपनी तरफ खींचने के लिए सिटिजन फॉर एकाउंटेबल गवर्नेंस (सीएजी) जैसे समूहों को मुकाबले में खड़ा करने का फैसला किया है।
मोदी समर्थक समूह ने संभाला कामकाज!
सीएजी की नींव 60 प्रोफेशनल ने रखी है, जो उत्तर प्रदेश और बिहार समेत 13 राज्यों पर फोकस करेंगे, जहां संसदीय सीटों के मामले में मोदी का काफी कुछ दांव पर लगा होगा।
हालांकि, यह समूह सीधे तौर पर मोदी के बारे में बात नहीं करेगा, जैसे भाजपा इकाइयां करेंगी। लेकिन जैसा कि सीएजी के एक अधिकारी ने बताया वह 196 शहरों में युवाओं से जुड़ेगा। इनमें से ज्यादातर टियर2 और टियर3 शहर होंगे। वे लोग ऐसे मुद्दे उठाएंगे, जो सुशासन से जुड़े हैं। ऐसा संदेश दिया जाएगा कि मोदी के पास इससे जुड़े सवालों का जवाब है।
एक अधिकारी ने पहचान जाहिर न करने की शर्त पर बताया, "हम उन जानकार और प्रतिबद्ध नागरिकों की जमीन से जुड़ा ऐसा समुदाय बना रहे हैं, जो बदलाव लाना चाहता है।"
नौजवानों तक पहुंचने की खास कोशिश!
सीएजी पिछले साल अक्टूबर में उस वक्त सुर्खियों में आया, जब मंथन के बैनर तले मोदी से बातचीत करने के लिए 7 हजार कॉलेज के प्रतिनिधि पहुंचे थे।
यह भी अहम है कि इस अवसर पर मोदी के साथ टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडु ने मंच साझा किया था। देश में 'एकाउंटेबल गवर्नेंस' को मजबूत बनाने की पहल से जुड़ी कोशिशों पर आधारित मंथन ने कॉलेज स्टूडेंट को 14 थीम पर इनोवेटिव समाधानों के साथ आगे आने के लिए कहा था। इनमें देश के सामने खड़ी सबसे मुश्किल चुनौतियों का जिक्र था।
ये थीम युवाओं के लिए रोजगार अवसर से लेकर चुनावी सुधार और महिलाओं के सशक्तिकरण तक फैली थीं। सीएजी के एक अन्य अधिकारी ने कहा, "हमारी कोशिश यह है कि मोदी के साथ गवर्नेंस पर बहस के लिए उन युवाओं को जोड़ा जाए, जो उन मंचों पर चर्चा के लिए तैयार नहीं होते, जो प्रत्यक्ष हैं।"
केजरीवाल से टक्कर का साजो-सामान!
सीएजी मोदी के पसंदीदा प्रोजेक्ट स्टैच्यू ऑफ यूनिटी मूवमेंट भी जुड़ा है। इसके तहत गुजरात में सरदार पटेल की ऐसी प्रतिमा बनाई जानी है, जो दुनिया में सबसे ऊंची होगी।
वास्तव में मोदी ने 15 दिसंबर के बाद देश भर में जिन रन फॉर यूनिटी कार्यक्रमों का ऐलान किया था, सीएजी उनके लिए पहल कर रहा है, जो अगले तीन महीने तक भाजपा की योजनाओं का साथ देंगी।
यह समूह कांग्रेस और आम आदमी पार्टी को टक्कर देने के लिए मोदी के नेतृत्व पर दोबारा फोकस कराने की कोशिश करेगा और इसके लिए ग्रामीण इलाकों मे बसे युवाओं और पहली बार वोटिंग करने जा रहे नौजवानों पर खास ध्यान दिया जाएगा। इसी कोशिश के तहत मोदी को सुशासन के लिए सबसे बड़ी उम्मीद के तौर पर पेश करने की योजना भी है।
छात्रों तक पहुंचेंगे मोदी!
देश में 565 लोकेशन पर रन फॉर यूनिटी कार्यक्रमों के अलावा अभियान के अलावा राइट फॉर यूनिटी का आयोजन भी होगा। इसके तहत अगले दो महीने में दो लाख स्कूलों में अखंड भारत और सुशासन पर सरदार पटेल के विचारों को लेकर स्लोगन और निबंध प्रतियोगिता भी कराई जाएगी।
हाल में भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने पार्टी की युवा इकाई की पहल का उद्घाटन किया, जिसमें मोदी के लिए देश भर की यूनिवर्सिटी के छात्रों को आकर्षित करने का प्रयास हो रहा है। इसमें कैम्पस एम्बेसेडर बनाए जाएंगे, जो मोदी कैफे का जिम्मा संभालेंगे।
अनुराग ठाकुर की अगुवाई में भाजपा युवा मोर्चा 20 राज्यों में पांच हजार कैम्पस एम्बेसेडर चुनने का लक्ष्य बनाया है, ताकि 20 लाख छात्रों तक पहुंचा जा सके। ये प्रतिनिधि नए वोटर को खींचेंगे और छात्रों से नई राजनीति और युवाओं के सशक्तिकरण पर विचार जानेंगे।
मोदी के लिए तैयार सुपर 60!
भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी का मानना है कि सोशल मीडिया में ऐसी मुहिम चलाई जानी चाहिए जिसके तहत लोग यह बात जाहिर कर सकें कि उन्हें क्या और किस तरह के काम करने में गर्व महसूस होता है।
‘मिशन 272’ के तहत पार्टी से जुड़े दो लाख लोगों में से चुने गए 60 युवकों से मुलाकात के दौरान मोदी ने कहा कि सोशल मीडिया के दुरुपयोग को रोकने की भी जरूरत है।
भाजपा की सूचना व प्रौद्योगिकी सेल ने समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े इन 60 लोगों की बृहस्पतिवार को यहां पार्टी मुख्यालय में मोदी से मुलाकात कराई।
दो लाख से जुड़ने का दावा!
भाजपा ने सोशल मीडिया के जरिये अपना जनाधार बढ़ाने के लिए पिछले दिनों ‘मिशन 272’ शुरू किया था। इसमें भाजपा की नीतियों व कार्यक्रमों के प्रचार को लेकर सबसे ज्यादा सक्रिय रहने वाले लोगों की मोदी से मुलाकात कराने का वादा किया गया था।
भाजपा का दावा है कि इस मिशन से अब तक दो लाख लोग जुड़ चुके हैं। मोदी से मुलाकात करने वाले सभी 60 लोग अब लोकसभा की सियासी जंग में सोशल मीडिया पर भाजपा की ओर से मोर्चा संभालेंगे।
इस मौके पर इन लोगों ने मोदी को सोशल मीडिया को लेकर अपने अनुभव भी बताए।