गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी नाराज चल रहे भाजपा के 'पितामह' लालकृष्ण आडवाणी को मनाने मंगलवार को उनके घर पहुंचे।
चुनाव प्रचार अभियान समिति की कमान मिलने के बाद दोनों नेताओं की यह पहली मुलाकात थी। आडवाणी पार्टी में मोदी का कद बढ़ाए जाने से नाराज हैं।
इस दौरान मोदी ने आडवाणी का आशीर्वाद और मार्गदर्शन के साथ भूल-चूक के लिए माफी भी मांगी।
योजना आयोग में राज्य की वार्षिक योजना को अंतिम रूप देने दिल्ली पहुंचे मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और डॉ. मुरली मनोहर जोशी से भी मुलाकात की।
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आडवाणी के साथ हुई लगभग घंटे भर की मुलाकात में दोनों नेताओं ने एनडीए में पड़ी फूट के साथ-साथ वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों और पार्टी की भावी रणनीति पर भी गंभीर चर्चा की।
पार्टी सूत्रों के अनुसार मोदी ने आडवाणी को आश्वस्त किया कि जदयू की राजग से विदाई की भरपाई हो जाएगी।
मोदी के नजदीकी नेताओं ने जहां इस मुलाकात को सुखद बताया। वहीं सूत्रों ने कहा कि इस मुलाकात के दौरान आडवाणी ज्यादातर समय मौन ही रहे।
दरअसल पार्टी का नया चेहरा बनना तय हो जाने के बाद अब मोदी पार्टी में मतभेदों को पूरी तरह से खत्म करना चाहते हैं।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक खुद आडवाणी के यहां पहुंच कर मोदी ने अपने विनम्र होने का संकेत देने की भी कोशिश की है।
हालांकि जोशी ने कहा कि मोदी गोवा में भाजपा की चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाए जाने के लिए आभार व्यक्त करने आए थे।
आडवाणी की शिकायत दूर करने दिल्ली पहुंचे भागवत
आडवाणी के नजदीकी नेताओं का कहना है कि आडवाणी अपना भावी रुख संघ प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात के बाद ही तय करेंगे। भागवत मंगलवार को मेरठ से दिल्ली पहुंच गए हैं।
मोदी का कद बढ़ाए जाने से नाराज होकर इस्तीफा देने वाले आडवाणी को भागवत ने ही मनाया था। इसी दौरान भागवत ने आडवाणी को दिल्ली आकर बैठक करने और उनकी सारी शिकायतों का निराकरण करने का आश्वासन दिया था।