झारखंड में वैकल्पिक सरकार बनाने के लिए इन दिनों गुपचुप रूप से विधायकों की खरीद-फरोख्त चल रही तैयारी का मामला राष्ट्रपति के दरबार तक पहुंच गया है।
झारखंड विकास मोर्चा (झाविमो) के अध्यक्ष बाबू लाल मरांडी ने मंगलवार को नई दिल्ली में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात कर उन्हें घटनाक्रम की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि खंडित जनादेश के कारण राज्य में ढाई साल के दौरान दो बार मिली जुली सरकारें बन चुकी हैं। प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगा हुआ है, लेकिन विधानसभा भंग नहीं की गई है।
इसके चलते अब कांग्रेस वहां सरकार बनाने की कोशिश कर रही है। चूंकि किसी दल के पास स्पष्ट बहुमत नहीं है। लिहाजा साफ है कि विधायकों की खरीद फरोख्त के बगैर अगली सरकार नहीं बन सकती।
मरांडी ने राष्ट्रपति से अनुरोध किया कि स्पष्ट जनादेश के लिए राज्य की विधानसभा को तत्काल भंग किया जाए। मरांडी ने प्रणब से बातचीत के दौरान कांग्रेस पर भी निशाना साधा।
उन्होंने बताया कि अब वैकल्पिक सरकार बनाने के लिए कांग्रेस से उसकी बातचीत चलने की बात कही जा रही है। जबकि 82 सदस्यीय सदन में दोनों दलों को मिलाकर महज 31 सदस्य ही हैं।
इससे साफ जाहिर है कि कांग्रेस वहां खरीद-फरोख्त की तैयारी कर रही है। इसलिए विधानसभा को तत्काल भंग कर नए जनादेश का मार्ग प्रशस्त किया जाना चाहिए।
यह काम राज्यपाल को ही कर देना चाहिए था लेकिन वे नहीं कर रहे हैं। इसलिए आपसे हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई जा रही है।