गुजरात विधानसभा चुनाव का प्रचार भले ही थम गया हो, लेकिन भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के नेता अंतिम दौर में मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अहमदाबाद में धर्म उपदेशक मोरारी बापू से अकेले में मुलाकात की। राजनीतिक गलियारों में बापू से मोदी की मुलाकात की चर्चा तेजी पकड़ ही रही थी कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शंकर सिंह वाघेला, अर्जुन मोढ़वाडिया और शक्ति सिंह गोहिल भी बापू की शरण में पहुंच गए। इन नेताओं ने भी बापू से अकेले में चर्चा की।
दोनों पार्टियों के दिग्गजों की मोरारी बापू से मुलाकात का खुलासा तो नहीं हुआ है, लेकिन राजनीतिक मायने निकालने के प्रयास जरूर किए जा रहे हैं। गुजरात में मोरारी बापू के बड़ी संख्या में अनुयायी हैं। राजनीतिक जानकार इस मुलाकात को दूसरे चरण के मतदान से जोड़कर देख रहे हैं।
उनका कहना है कि मोदी अक्सर मोरारी बापू से मिलते रहते हैं, लेकिन अंतिम चरण के मतदान से पूर्व हुई उनकी मुलाकात चर्चा का विषय बन गई है। पहले चरण में हुए भारी मतदान (70.75) ने राजनीतिक विश्लेषकों के साथ सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी कांग्रेस के आला नेताओं को भी हैरत में डाल दिया है।
अधिकतर लोग बापू से इस मुलाकात को मतदान से उपजी कशमकश से जोड़कर देख रहे हैं। दोनों दल चुनाव में जीत के दावे तो कर रहे हैं, लेकिन पहले चरण के रिकॉर्ड मतदान ने उन्हें फिर से सोचने पर मजबूर कर दिया है।