ब्रिटेन की सरकार गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को वीजा देने पर विचार कर रही है। भारत यात्रा पर आए ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ हुई मुलाकात में संकेत दिए हैं कि ब्रिटेन मोदी को मई में लंदन आने के लिए वीजा जारी कर सकता है।
एक अंग्रेजी समाचार पत्र के मुताबिक, मंगलवार को दोनों देशों के नेताओं के बीच हुई मुलाकात में इस मसले पर भी बातचीत हुई। गौरतलब है कि गुजरात दंगों के कारण अमेरिका समेत यूरोप के कई देश पिछले कुछ वर्षों से नरेंद्र मोदी को वीजा देने से इनकार करते रहे हैं।
हालांकि भाजपा की ओर मोदी का नाम प्रधानमंत्री उम्मीदवार के रूप में उभरने के बाद ब्रिटेन समेत यूरोपियन यूनियन के देशों के रुख में नरमी आई है। ब्रिटेन के राजदूत जेम्स बेवन ने पिछले साल दिसंबर में गांधीनगर जाकर मोदी से मुलाकात की थी। पिछले महीने वाइब्रेंट गुजरात समिट में भी ब्रिटेन ने हिस्सा लिया था।
इसके अलावा चौथी बार मुख्यमंत्री बनने के बाद मोदी जब दिल्ली आए थे तो 7 जनवरी को जर्मन राजदूत एम. स्टेनर के घर पर यूरोपियन यूनियन के देशों के राजदूत उनसे लंच पर मिले थे। संभावना थी कि भारत दौरे के दौरान कैमरन भी मोदी से मिलेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
हालांकि अब फैसला किया गया है कि ब्रिटिश सांसदों और उद्यमियों का एक प्रतिनिधमंडल बहुत जल्द गुजरात का दौरा करेगा और मोदी को लंदन आने का निमंत्रण देगा। मोदी इससे पहले अगस्त 2003 में लंदन गए थे।
मोदी की अमेरिकी वीजा दिलाने की कोशिशों को झटका
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के वीजा पर लगी पाबंदियों को हटाने के लिए अमेरिकी सांसदों को मनाने की कोशिश में लगे भाजपा नेता केजे अल्फोंस को निराशा हाथ लगी है। भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य अल्फोंस गत सात फरवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ एक कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए अमेरिका गए थे।
वहां उन्होंने सीनेटरों, अमेरिकी अधिकारियों और शिक्षाविदों से भी मुलाकात की। नौकरशाह से राजनेता बने अल्फोंस ने कहा, "मैं कहता आया हूं अगर वे अभी भी मोदी को आमंत्रित नहीं करते हैं और उन्हें वीजा न देने की अपनी नीति पर कायम रहते हैं तो अमेरिका के लिए बहुत देर हो सकती है। कारण मोदी राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी भूमिका निभाने जा रहे हैं।"
हालांकि उनकी मुहिम के बावजूद अमेरिका ने मोदी को वीजा जारी करने करने से इनकार कर दिया है। मंगलवार को अमेरिका के उप विदेश मंत्री राबर्ट ब्लेक ने एक चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा था कि मोदी को वीजा देने को लेकर अमेरिकी नीति में कोई बदलाव नहीं आया है। हम भारतीय अदालतों में उनके खिलाफ मामलों के निपटारे के अनुरूप ही अपने निर्णय में बदलाव कर सकते हैं।