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मोदी अब शिवराज चौहान को देंगे बब्बर शेर

Mon, 22 Apr 2013 12:34 AM IST
हरीश लखेड़ा
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गिर अभयारण्य के बब्बर शेरों को लेकर कानूनी जंग हार चुके गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से अब केंद्र सरकार भी ‘बदला’ लेने की तेजी में है।
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मोदी केंद्र के अनुरोध को ठुकरा कर मध्य प्रदेश के कुनो पलानपुर में बसाने के लिए बब्बर शेर देने से इंकार करते रहे हैं, लेकिन अब उन्हें सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कुछ शेर देने होंगे।

केंद्रीय पर्यावरण व वन मंत्रालय अब बिना देरी किए मोदी के शेरों को मध्य प्रदेश लाने जा रहा है।

मंत्रालय यह अध्ययन कर रहा है कि गुजरात के गिर से कितने शेर कुनो पालनपुर लाए जाएं।

मंत्रालय की कमान संभालते हुए जयराम रमेश ने हरसंभव कोशिश की थी कि मोदी कम से कम दो शेर देने के लिए राजी हो जाएं।

इसके लिए उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज चौहान को भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की मदद लेने की भी सलाह दी थी, लेकिन इन शेरों को गुजरात का गौरव बताने वाले मोदी टस से मस नहीं हुए।
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आखिरकार मामला अदालत पहुंच गया। अब भले ही मंत्रालय में जयराम नहीं हैं, लेकिन मौजूदा मंत्री जयंती नटराजन भी चाहती हैं कि कुनो पालनपुर के जंगल भी शेरों की दहाड़ से गूंजें।

राष्ट्रीय टाइगर संरक्षण प्राधिकरण के सदस्य ब्रिजेंद्र सिंह ने अमर उजाला से कहा कि अदालत के आदेश पर तुरंत अमल होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अब यह देखना है कि कितने शेर लाने होंगे, क्योंकि शेर परिवार के साथ रहते हैं। इसलिए दो से ज्यादा शेर भी लाने पड़ सकते हैं।

बहरहाल, जयराम के कार्यकाल में मोदी को तंजानिया के शेरों का उदाहरण देकर भी समझाया गया था कि तब बीमारी से एक साथ एक हजार बब्बर शेरों की मौत हो गई थी।

इसलिए गिर नस्ल के शेरों को बचाना है तो कुछ को दूसरे इलाके में बसाना जरूरी है। मोदी ने शिवराज चौहान को तो शेर नहीं दिए लेकिन चिड़ियाघर में कैद रखने के लिए सिंगापुर को शेर दे दिया था। इसके बदले वे चिड़ियाघर में रखने के लिए वहां से चीता लाए थे।
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अशोक स्तंभ में दिखते हैं गिर के बब्बर शेर
गिर के शेर वास्तव में वही बब्बर शेर हैं जिनके चित्र अशोक स्तंभ में दिखते हैं। ये शेर अब एशिया महाद्वीप में सिर्फ गुजरात के गिर अभयारण्य में बचे हैं।

गंगा-यमुना के मैदानों के ये बब्बर शेर सदियों पहले ही राजाओं, महाराजाओं और नबाबों के शिकार बनकर गायब हो चुके हैं।

आशंका जताई जाती रही है कि यदि तंजानिया की तरह कभी इन शेरों में भी महामारी फैली तो गिर से भी शेर गायब हो जाएंगे। इसलिए केंद्रीय वन मंत्रालय इस कोशिश में रहा है कि गुजरात के अलावा देश के अन्य हिस्सों में भी बब्बर शेरों को रखा जाए।
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