अंतराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राजपथ पर योग किया, जबकि पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार उन्हें केवल भाषण देना था। प्रधानमंत्री को योग करता देख राजपथ पर आए हजारों लोग चौंक भी गए।
दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत कई केंद्रीय मंत्री, नौकरशाह, राजनयिक और छात्र-छात्राएं राजपथ पर मौजूद थे। कार्यक्रम का आरंभ आयुष राज्यमंत्री स्वंतत्र प्रभार श्रीपद नाइक के संबोधन से हुआ। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में कहा कि योग किस भूभाग में पैदा हुआ, किस भूभाग तक फैला, मेरे लिए उसका ज्यादा महत्व नहीं है, यह ऐसी विद्या है जिसमें विश्व के सभी लोगों ने अपना-अपना योगदान दिया।
उन्होंने योग को जीवन का अभिन्न अंग बनाने की अपील की। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष संयुक्त राष्ट्र महासभा के वार्षिक सम्मेलन में मोदी ने अंतराष्ट्रीय योग दिवस मनाए जाने का प्रस्ताव रखा था। योग दिवस के आयोजन को भव्य बनाने के लिए केंद्र सरकार कई दिनों से कार्य कर रही थी। केंद्र के न्योते के बाद भी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए।
राजपथ पर आए 35,000 से अधिक लोग
योग दिवस के पूर्व कार्यक्रम के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी को योग करना तय नहीं था। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने 9 जून को कहा था कि प्रधानमंत्री केवल संबोधन देंगे, वह योग नहीं करेंगे। हालांकि कार्यक्रम खत्म होने के बाद वे मंच से नीचे आए और योग करने के लिए बैठे लोगों के बीच जा बैठे।
मोदी ने सफेद कमीज, पैजामा पहना था और गले में तिरंगा दुपट्टा लिया था। हिंदी और अंग्रेजी में दिए जा रहे निर्देशों के बीच उन्होंने हजारों की भीड़ के साथ सभी 21 आसन किए।
आसन करने के बाद मोदी ने आसपास बैठे बच्चों से बातचीत भी की। मोदी को देख बच्चों ने उन्हें घेर भी लिया, जिसके बाद सुरक्षाबलों को उन्हें लेकर बाहर जाना पड़ा। सरकार ने दावा किया है कि राजपथ पर आयोजित कार्यक्रम में 35,000 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया, जिसमें नौकरशाह, कर्मचारी, सैनिक, छात्र मौजूद रहे। केंद्र सरकार का उद्देश्य से मौजूदा कार्यक्रम के जरिए योग करने का नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाना है।
सोनिया और राहुल नहीं हुए शामिल
वहीं केंद्र सरकार के न्योते के बाद भी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी योग दिवस के कार्यक्रम में शामिल है। खबर है कि दोनों ही नेता विदेश निकल गए हैं।
राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने भी ट्विटर पर योग दिवस पर आयोजित कार्यक्रम की आलोचना की। उन्होंने कहा कि हमारे देश में करोड़ों लोग भूखे सोते हैं। रिक्शा चलाने वाले को योग की क्या जरूरत? मजदूर को योग की क्या जरुरत जो दिन भर शारीरिक श्रम करता है।
उन्होंने कहा कि जो सुख प्राप्ति का जीवन जी रहा है, पूंजीपतियों को गरीबों का खून चुसवा रहा है, किसानों की जमीन निगल रहा है वह योग करेगा और करवाएगा।
कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा कि सामुदायिक योग का आयोजन सार्वजनिक संपत्ति का स्पष्ट दुरुपयोग है। इससे केवल मोदी की छवि चमकाई जा रही है।