भारत में डिज़िटल तकनीक की जो स्थिति है उसे देखते हुए क्या MOOCs की पहुंच एक ख़ास वर्ग तक ही है?
ऑनलाइन कोर्स पढ़ने के लिए डेस्कटॉप या लैपटॉप जैसे डिवाइस के साथ इंटरनेट की भी ज़रूरत होती है। समय के साथ भारत में इन चीज़ों तक लोगों की पहुँच लगातार बढ़ रही है। इस बीच हम नई कोशिशें भी कर रहे हैं जैसे मोबाइल ऐप्स के ज़रिए MOOCs। हमने अभी ऐडैक्स (Edx) का मोबाइल ऐप लॉन्च किया है जिसकी मदद से आप कोर्स डाउनलोड करके इंटरनेट के बिना भी जब चाहें जहाँ चाहें उन्हें देख-सुन-पढ़ सकते हैं।
भारत में इस समय जितने छात्र हैं, शिक्षा संस्थान उनकी ज़रूरत पूरा नहीं कर सकते। देशभर में ऐसे छात्र हैं जो प्रतिभावान हैं और उन्हें बस एक मौक़ा चाहिए। जिन छात्रों की पहुंच बेहतरीन स्कूल-कॉलेजों तक नहीं है उनके लिए MOOCs एक बेहतरीन विकल्प हैं।
भारत में आप किन संस्थानों के साथ जुड़े हैं?
ऐडैक्स (Edx) ने भारत में आईआईटी बॉम्बे, आईआईएम बंगलुरु और बिट्स पिलानी जैसे संस्थानों के साथ साझेदारी की है। इनके कोर्स अब हमारी वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। MOOCs के ज़रिए लोगों को रोज़गार मिले इसके लिए हमने भारत की प्रमुख एम्प्लॉयबिलिटी सॉल्युशन कंपनी एसपाइरिंग माइंड्स के साथ क़रार किया है। कोशिश है कि रोज़गार खोजने वाले और रोज़गार देने वाले दोनों की ज़रूरतें पूरी हों। उसी के हिसाब से पाठ्यक्रम तैयार किए जाते हैं।
भविष्य में भारतीय भाषाओं में और भी कोर्स उपलब्ध होंगे
क्या भारतीय भाषाओं जैसे हिन्दी या बांग्ला में भी MOOCs उपलब्ध हैं? इसमें क्या संभावनाएँ हैं?
दुनिया का पहला हिन्दी-अंग्रेज़ी MOOC ऐडैक्स (Edx) ने ही उपलब्ध कराया। भारत के इतिहास और समाज-विज्ञान पर आधारित 'एंगेजिंग इंडिया' नाम का ये कोर्स 10 हफ़्ते का है। इसे भारत में विशेषज्ञों की मदद से ही तैयार किया गया। इसके अलावा एक कोर्स है, "डाटा एनालसिस टू द मैक्स"।
अंग्रेज़ी में उपलब्ध कोर्स में हम आमतौर पर लिखित कैप्शन भी दिखाते हैं जिससे अनुवाद में आसानी हो। हम दुनिया भर के छात्रों को ध्यान में रखते हुए अन्य भाषाओं में कोर्स प्रस्तुत करने की कोशिश कर रहे हैं। उम्मीद है भविष्य में भारतीय भाषाओं में और भी कोर्स उपलब्ध होंगे।
आपने आईआईटी मद्रास से पढ़ाई की और फिर अमरीका गए। आप भारत की शिक्षा व्यवस्था को समझते हैं। क्या आपको लगता है कि भारत में डिग्रियों को ज़्यादा अहमियत दी जाती जबकि ज़रूरत हुनर और समझ की है?
डिग्रियों की अपनी एहमियत है। MOOCs इन डिग्रियों का वज़न और बढ़ाने का ज़रिया हैं। आने वाले दिनों में ऑनलाइन कोर्स आपको नौकरी दिलाएंगे और इंटरव्यू में काम आएंगे। डिग्रियां अपनी जगह हैं लेकिन MOOCs एक नई क्रांति है।
भविष्य में भारतीय भाषाओं में और भी कोर्स उपलब्ध होंगे
क्या भारतीय भाषाओं जैसे हिन्दी या बांग्ला में भी MOOCs उपलब्ध हैं? इसमें क्या संभावनाएँ हैं?
दुनिया का पहला हिन्दी-अंग्रेज़ी MOOC ऐडैक्स (Edx) ने ही उपलब्ध कराया। भारत के इतिहास और समाज-विज्ञान पर आधारित 'एंगेजिंग इंडिया' नाम का ये कोर्स 10 हफ़्ते का है। इसे भारत में विशेषज्ञों की मदद से ही तैयार किया गया। इसके अलावा एक कोर्स है, "डाटा एनालसिस टू द मैक्स"।
अंग्रेज़ी में उपलब्ध कोर्स में हम आमतौर पर लिखित कैप्शन भी दिखाते हैं जिससे अनुवाद में आसानी हो। हम दुनिया भर के छात्रों को ध्यान में रखते हुए अन्य भाषाओं में कोर्स प्रस्तुत करने की कोशिश कर रहे हैं। उम्मीद है भविष्य में भारतीय भाषाओं में और भी कोर्स उपलब्ध होंगे।
आपने आईआईटी मद्रास से पढ़ाई की और फिर अमरीका गए। आप भारत की शिक्षा व्यवस्था को समझते हैं। क्या आपको लगता है कि भारत में डिग्रियों को ज़्यादा अहमियत दी जाती जबकि ज़रूरत हुनर और समझ की है?
डिग्रियों की अपनी एहमियत है। MOOCs इन डिग्रियों का वज़न और बढ़ाने का ज़रिया हैं। आने वाले दिनों में ऑनलाइन कोर्स आपको नौकरी दिलाएंगे और इंटरव्यू में काम आएंगे। डिग्रियां अपनी जगह हैं लेकिन MOOCs एक नई क्रांति है।