आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारी के लिए रणनीति बनाने में जुटी भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय परिषद के महाधिवेशन में शनिवार को गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी छा गए। पार्टी ने इस सर्वोच्च सभा ने महाधिवेशन में आए मोदी को हाथोंहाथ लिया और साफ संकेत दिया कि दिल्ली की सत्ता के चुनावी समर में मोदी ही पार्टी के महारथी होंगे।
महाधिवेशन में जिस तरह से मोदी की जय जयकार हुई, उससे इस बात में संदेह नहीं रह गया है कि मोदी भाजपा के सबसे प्रमुख चेहरे होंगे। महाधिवेशन में 2200 से भी ज्यादा लोग मौजूद थे। जिन्होंने खड़े होकर मोदी के अभिनंदन के दौरान देर तक तालियां बजाईं।
माला पहनाकर मोदी का अभिनंदन करने वाले पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने उनकी प्रशंसा करते हुए कहा कि आज दुनिया में गुजरात के विकास मॉडल की सराहना हो रही है। वे भाजपा के पहले मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने चुनाव में लगातार तीसरी बार विजय हासिल की।
पिछले चुनाव में एनडीए के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार रह चुके वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को भी संदेश देने की कोशिश की गई कि पार्टी में अब उनकी भूमिका भीष्म पितामह की तरह संरक्षक जैसी है। महाधिवेशन में बाकी बड़े नेताओं को मोदी जैसी तवज्जो नहीं मिल पाई। राजनाथ का भाषण करीब 95 मिनट चला।
तालकटोरा स्टेडियम में देश के कोने-कोने से आए पार्टीजनों में सबसे ज्यादा उत्साह मोदी को लेकर ही था। जब भी मोदी का नाम आया, उनके समर्थन में नारेबाजी हुई और स्टेडियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजी।
दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष विजय गोयल भी अपने को रोक नहीं पाए और उन्होंने यहां तक कह दिया कि लगता है देश के प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह नहीं, नरेंद्र मोदी हैं। गोयल ने कहा अभी उनके बारे में फैसला नहीं हुआ है लेकिन देश का बच्चा-बच्चा मोदी को ही प्रधानमंत्री मानने लगा है।
‘सुशासन संकल्प और भाजपा विकल्प’ जैसा नारा देने के साथ महाधिवेशन में मोदी का जैसा भव्य सम्मान किया गया, उससे भाजपा ने आम लोगों के सामने मोदी को पार्टी के प्रमुख चेहरे के तौर पर पेश करने की भूमिका बना दी है।
गठबंधन की राजनीति की मजबूरी के चलते भले ही भाजपा अभी मोदी को प्रधानमंत्री के उम्मीदवार के तौर पर पेश न करे, लेकिन इतना साफ हो गया है कि आगामी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के सामने मोदी ही ताल ठोकते नजर आएंगे। वे राष्ट्रीय राजनीति में भी बड़ी भूमिका निभाएंगे।
आज मोदी का भाषण
महाधिवेशन में मौजूद हर व्यक्ति मोदी को सुनना चाहता था, लेकिन उनका भाषण रविवार को होगा। मोदी ‘गुड गवर्नेंस’ विषय पर बोलेंगे और गुजरात के विकास पर रोशनी डालेंगे। रविवार को ही मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज चौहान का भी भाषण होगा। वह कृषि के विकास पर बोलेंगे।
नजर चौहान और रमन सिंह पर
मोदी के सामने भले ही दूसरे नेताओं पर किसी का ध्यान नहीं गया। लेकिन राजनाथ सिंह ने कहा कि अब सबकी नजरें शिवराज सिंह चौहान और रमन सिंह पर हैं। जो क्रमश: मध्य प्रदेश और छत्तीगढ़ के मुख्यमंत्री हैं। इनके नेतृत्व में भाजपा ने लगातार दो-दो चुनाव जीती है। इस साल इन राज्यों में विधानसभा चुनाव हैं।
जब भावुक हो गए लालकृष्ण आडवाणी
भाजपा के वरिष्ठ नेता
लालकृष्ण आडवाणी शनिवार को एक बार फिर भावुक हो गए। पार्टी की राष्ट्रीय
परिषद के महाधिवेशन में उनकी आंखें नम हो गईं। महाधिवेशन में अटल सरकार के
छह साल के शासन को लेकर तैयार सीडी को देखते-देखते आडवाणी अपने आंसू नहीं
रोक पाए।
इससे पहले गंगा को लेकर आयोजित कार्यक्रम में भी वे रो
पड़े थे। तालकटोरा स्टेडियम में शनिवार को भाजपा की राष्ट्रीय परिषद की
बैठक में जब पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने आडवाणी की तारीफ की तो तब भी वे
कुछ भावुक दिखे।