बंबई हाईकोर्ट के जज जस्टिस एम एल तहिलयानी ने महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने आदर्श घोटाले में अपना नाम हटाने की गुहार लगाई थी। गौरतलब है कि आदर्श हाउसिंग सोसाइटी में करोड़ों रुपए का घोटाला हुआ था।
चव्हाण ने पिछले साल दिसबंर महीने में सीबीआई अदालत के उस आदेश के खिलाफ एक याचिका दायर की थी जिसमें आदर्श घोटाले से उनका नाम को हटाने की मांग को सिरे से खारिज कर दिया गया था।
पूर्व मुख्यमंत्री की इस मांग को खारिज हो जाने के बाद उन पर अब भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला चलाया जाएगा क्योंकि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए आदर्श सोसाइटी में कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने की कोशिश की थी।