उत्तर प्रदेश में रजिस्टर्ड और गैरमान्यता प्राप्त नैतिक पार्टी ने आप पार्टी के चुनाव चिह्न झाड़ू पर अपना दावा ठोका है। नैतिक पार्टी ने चुनाव आयोग से कहा है कि उसे अगले लोकसभा चुनाव में झाड़ू को चिह्न के रूप में उपयोग करने की इजाजत दी जाए।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, नैतिक पार्टी ने 2012 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के 19 सीटों पर झाड़ू चिह्न के साथ चुनाव लड़ा था। हालांकि उसके सारे कैंडिडेट्स हार गए थे।
लेकिन दिल्ली चुनाव में आप पार्टी के जबरदस्त प्रदर्शन के बाद वह झाड़ू की लहर का फायदा उठाना चाहती है। दिल्ली में चुनावी झंडा गाड़ने के बाद आप पार्टी भी लोकसभा चुनाव झाड़ू चिह्न के साथ लड़ने की योजना बना रही है।
दिल्ली चुनाव परिणाम आने के एक दिन बाद ही 9 दिसंबर को नैतिक पार्टी के प्रेसिडेंट चंद्र भूषण पांडे ने चुनाव आयोग को पत्र लिखा। इसमें उन्होंने लिखा है कि नैतिक पार्टी अगला लोकसभा चुनाव झाड़ू चुनाव चिह्न के साथ लड़ना चाहती है।
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पांडे का कहना है कि 2011 में चुनाव आयोग ने नियमों में ढील देते हुए रजिस्टर्ड लेकिन गैरमान्यता प्राप्त पार्टियों को एक ही चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ने की स्वीकृति दे दी थी। लेकिन यह सुविधा सिर्फ एक बार के लिए दी गई थी।
लेकिन इसी साल जुलाई में चुनाव आयोग ने इस नियम में एक और परिवर्तन किया। इसमें पार्टी को एक बार कॉमन चिह्न इस्तेमाल के बाद फिर से एक बार और इसके उपयोग की इजाजत दे दी।
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पांडे का कहना है कि चुनाव आयोग इस तरह के सिंबल 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर देती है इसलिए नैतिक पार्टी ने लोकसभा चुनाव के लिए झाड़ू चुनाव चिह्न फिर से मांगा है।
हाल के दिल्ली विधानसभा चुनाव में आप पार्टी को झाड़ू चुनाव चिह्न दिया गया लेकिन अन्य राज्यों के लिए रजिस्टर्ड गैरमान्यता प्राप्त पार्टियां इस चिह्न पर दावा कर सकती हैं।