सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को दिल्ली यूथ कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुशील शर्मा की याचिका पर अपना फैसला सुनाएगा। शर्मा ने 1995 में नैना साहनी हत्या मामले में खुद को मिली फांसी की सजा और दोषसिद्धि को सर्वोच्च अदालत में चुनौती दी है।
यह मामला देशभर में तंदूर कांड के नाम से जाना जाता है। मुख्य न्यायाधीश पी सदाशिवम की अध्यक्षता वाली बेंच जेल में बंद शर्मा की याचिका पर फैसला सुनाएगी। बेंच ने 13 अगस्त को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
सुनवाई के दौरान शर्मा के वकील ने अपील की कि यह मामला रेयरेस्ट ऑफ रेयर कैटेगरी में नहीं आता है। अत: उनके मुवक्किल को मिली फांसी की सजा को रद्द किया जाए।
हालांकि अभियोजन पक्ष ने शर्मा के वकील के तर्क का विरोध किया और कहा कि ट्रायल कोर्ट और दिल्ली हाईकोर्ट ने फांसी की सजा को उचित ठहराया था।
विवाहेत्तर संबंधों के शक में सुशील शर्मा ने दो-तीन जुलाई, 1995 को गोल मार्केट इलाके में अपने मकान में पत्नी नैना साहनी की हत्या कर दी थी और बाद में उसके शव को एक तंदूर में जलाकर नष्ट करने का प्रयास किया था। इसी वजह से यह मामला तंदूर कांड के नाम से जाना गया।