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मुजफ्फरनगर दंगाः अखिलेश के बचाव में आई सपा

Tue, 10 Sep 2013 12:03 AM IST
अमर उजाला, दिल्ली
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मुजफ्फरनगर में दंगों के बाद सियासत चरम पर पहुंच गई है। समाजवादी पार्टी ने कहा है कि जिस भी पार्टी के नेताओं ने हिंसा को हवा दी है उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
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सपा महासचिव रामगोपाल यादव ने कहा कि बसपा और भाजपा के कुछ नेताओं ने हिंसा को बढ़ावा दिया है। सरकार उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी।

उधर, मुजफ्फरनगर में कांग्रेस नेता हरेंद्र मलिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मलिक सोमवार को दिल्ली में थे। उन्होंने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि प्रदेश सरकार ने कांग्रेस को बदनाम करने के लिए ऐसा किया है।

सपा हाईकमान अखिलेश सरकार के बचाव में उतर गया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव ने कहा है कि मुजफ्फरनगर में हालात एक-दो दिन में ठीक हो जाएंगे।

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि सीएम ने बिना देर किए सेना बुलाकर ठीक किया। उन्होंने कहा कि कुछ दल सियासी फायदे के लिए लोगों को भड़काने का काम कर रहे हैं।
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उधर, कांग्रेस नेता हरेंद्र मलिक ने बताया कि उन्हें मीडिया से जानकारी मिली है कि उनके खिलाफ यूपी सरकार की ओर से मामला दर्ज कराया गया है।

उन्होंने कहा कि जिले में हालात 27 अगस्त से खराब चल रहे है। मगर प्रशासन की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया। मलिक ने कहा कि प्रदेश सरकार को जल्द से जल्द हालात काबू में लाने चाहिए।

शुरू हुआ आरोप-प्रत्यारोप का दौर
मुजफ्फरनगर में भड़की हिंसा की आग पर राजनीतिक पार्टियां सियासी रोटियां सेंकने में जुट गई हैं। पार्टियों में एक-दूसरे पर ठीकरा फोड़ने की होड़ लग गई है। भाजपा दंगे के लिए सपा को जिम्मेदारी ठहरा रही है तो सपा अन्य सियासी दलों को। इस मामले में वामपंथी पार्टियां भाजपा और संघ को जिम्मेदार मान रही हैं।

भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार आने के बाद से सांप्रदायिक माहौल लगातार बिगड़ता जा रहा है। प्रदेश में पिछले डेढ़ वर्षों के दौरान दर्जनभर से ज्यादा बड़े सांप्रदायिक दंगे हुए है।

सपा सरकार की सांप्रदायिकता से संबंधित नीति ही न्याय संगत नहीं है। इस सरकार से जनता का विश्वास उठ गया है। इस सरकार को सत्ता में रहने का कोई हक नहीं है। प्रदेश में तत्काल राष्ट्रपति शासन लगाई जानी चाहिए।
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