अगर संसद की एक समिति की सिफारिश पर मोहर लग गयी तो वो दिन दूर नहीं जब देश के सांसदों को डबल सैलरी का तोहफा मिल जाए।
यही नहीं इसके साथ ही पूर्व सांसदों की पेंशन में 75 फीसदी का इजाफा करने की भी सिफारिश की गयी है।
संसदीय समिति ने सरकार से की गई सिफारिश में सरकारी कर्मचारियों के वेतन की तरह ही सांसदों के वेतन में भी समय-समय पर बढ़ोतरी के लिए ऑटोमैटिक पे रिविजन मेकैनिज्म बनाने का प्रस्ताव रखा है। मौजूदा समय में सांसदों की सैलरी 50 हजार रुपये प्रति माह है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक ऐसे तकरीबन 60 प्रस्ताव रखे गए हैं। कमेटी ने इस पर तर्क दिया है कि सांसदों की सैलरी में फेरबदल आखिरी बार 2010 में हुए थे और उन्हें सरकारी कर्मचारियों की तरह डीए भी नहीं मिलता है।