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घोटाला: 10 माह में पांच बार गर्भवती हो गई महिला

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उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी जननी सुरक्षा योजना में झोल हो गया है। इसका खुलासा हुआ है नई ऑडिट रिपोर्ट में।
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इस योजना की शुरूआत नई माताओं को कुपोक्षण मुक्त रखने के उद्देश्य से की गयी थी,ताकि बच्चे के जन्म के बाद माताओं को भर पेट भोजन मिल सके। लेकिन इसका फायदा लेने के लिए घोटालेबाजों ने एक नया कारनामा ही कर दिखाया।

दरअसल,इस योजना में मिलने वाले फंड को निकालने के लिए बहराइच में एक 60 वर्षीय महिला को 10 माह में पांच बार गर्भवती दिखाकर पैसे निकाल लिए गए हैं। साथ ही जो महिला 12 वर्षों में गर्भवती नहीं हुई थी उसे 1400 रुपए का पेमेंट कर दिया गया।
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यह घटना किसी एक शहर की नही है बल्कि पूरे प्रदेश में इसी प्रकार के कारनामों को अंजाम दिया गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मामला सामने आने पर दोषी अफसरों के खिलाफ जांच की जा रही है।

एक अधिकारी ने बताया कि मामले में प्राइमेरी हेल्थ सेंटर के अधिकारियों की जांच की जा रही है जहां महिला को 1400 रुपए जारी किए गए और अधिकारियों ने कुछ पैसे महिला को दिए और बाकी खुद रख लिए।

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बैंक रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई

बौंडी में सरकार ने पांच अफसरों के सस्पेंड कर जांच बैठा दी है जहां इस प्रकार के करीब 200 मामले सामने आए हैं।

वहीं बदायूं में आशा देवी ने चार माह में तीन बार इस योजना का लाभ उठाया है। यह मामला तब पकड़ में आया जब वह बैंक में चेक जमा करने गई। बैंककर्मी को शक हुआ और उसने मामले की सूचना स्वास्‍थ्य विभाग को दे दी। मामले की जांच करने पर अधिकारी ने पाया की जिले में ऐसे कई मामले हुए हैं।

जननी सुरक्षा योजना में घोटाले पर यूपी सरकार में स्वास्‍थ्य विभाग के एडिशनल डायरेक्टर सुबोध शर्मा ने कहा कि 'मैंने सार्वजनिक और सामुदायिक केंद्रों से जुटाए गए रिकॉर्ड्स देखे हैं और अब बैंकों की रिपोर्टों का इंतजार कर रहा हूं। जब वे मुझे मिल जाएगी तब दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। योजना के तहत सरकारी अस्पताल में बच्चे को जन्म देने के बाद महिला को पौष्टिक भोजन के लिए 1,400 रुपये दिए जाते हैं। ताकि जच्चा-बच्चा की सेहत सही रहे। दुर्भाग्य है कि इस योजना का दुरुपयोग हो रहा है।'






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