मुजफ्फरनगर दंगे के आरोपी बिजनौर के सांसद कुंवर भारतेंद्र सिंह को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की सर्वोच्च गवर्निंग बॉडी एएमयू कोर्ट का सदस्य बनाए जाने पर भूचाल आ गया है। छात्र से लेकर शिक्षकों तक ने इसका विरोध शुरू कर दिया है।
इस फैसले को कैंपस में मुसलमानों के जख्म पर नमक छिड़कने जैसा समझा जा रहा है। सोशल मीडिया पर भी छात्र सक्रिय हो गए हैं। छात्र संघ उपाध्यक्ष सैयद मसूदुल हसन ने कहकर विवाद को हवा दे दी है कि स्मृति ईरानी को केंद्रीय मंत्री पद से त्यागपत्र देकर घर का चूल्हा-चौका संभालना चाहिए।
उपाध्यक्ष ने एएमयू कैंपस में बिजनौर सांसद को नहीं घुसने देने का भी ऐलान किया है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने एएमयू कोर्ट में छह सांसदों को नामित किया है। इसमें मुजफ्फरनगर दंगे के आरोपी बिजनौर के सांसद कुंवर भारतेंद्र का नाम भी शामिल है।
शिक्षक व छात्रसंघ उपाध्यक्ष ने किया कड़ा विरोध
इसको लेकर एएमयू में भूचाल की स्थिति है। एएमयू स्टूडेंट यूनियन, वीमेंस कॉलेज स्टूडेंट यूनियन एवं एएमयू टीचर्स एसोसिएशन ने भाजपा सरकार के इस फैसले का विरोध किया है। इसकी वजह से एक बार फिर एएमयू का माहौल गरमाने की आशंका है।
एएमयू स्टूडेंट यूनियन के अधिष्ठापन समारोह में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी के खिलाफ विवादित बयान देकर सुर्खियों में आए उपाध्यक्ष सैयद मसुदुल हसन ने फिर केंद्रीय मंत्री ईरानी पर तंज कसकर भाजपा नेताओं को ललकारा है। उनका कहना है कि इंदिरा गांधी एवं मुरली मनोहर जोशी की तरह बिजनौर सांसद कुंवर भारतेंद्र सिंह को कैंपस में नहीं प्रवेश करने देंगे।
त्यागपत्र देकर घर का चूल्हा-चौका संभालें ईरानी: मसुदुल
वहीं स्टूडेंट यूनियन के उपाध्यक्ष सैयद मसुदुल हसन ने कहा कि अधिष्ठापन समारोह में जो कहा था वह सही साबित हो रहा है। मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी को त्यागपत्र देकर घर का चूल्हा-चौकी संभालना चाहिए। यह पद किसी पढ़े-लिखे व्यक्ति को सौंप देना चाहिए। दंगे के आरोपी बिजनौर सांसद को एएमयू कोर्ट मेंबर बनाकर भाजपा सरकार ने अपनी मंशा स्पष्ट कर दी है। हमलोग इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे और इसका तीव्र विरोध करेंगे।
जबकि वीमेंस कॉलेज स्टूडेंट यूनियन की अध्यक्षा गुलफिजा खान का कहना है कि देश को आगे बढ़ाना है तो अच्छे लोगों का चुनाव जरूरी है। किसी ऐसे आदमी को एएमयू कोर्ट मेंबर बनाना ठीक नहीं है, जो मुजफ्फरनगर दंगे का आरोपी है। इससे देश एवं शैक्षणिक संस्थान को नुकसान होगा और बेवजह विवाद को बढ़ावा मिलेगा। कोर्ट मेंबर ऐसे लोगों को बनाना चाहिए, जो समझदार और शैक्षणिक जरूरतों को नजदीक से समझता हो।
इस मामले में एएमयू टीचर्स एसोसिएशन के सचिव डा. आफताब ने कहा कि विवादस्पद सांसद को एएमयू कोर्ट सदस्य नामित करना ठीक नहीं है। विशेषकर वैसे व्यक्ति को जो मुजफ्फरनगर दंगे में नामित हो। अभी मुजफ्फरनगर दंगे के जख्म भरे नहीं है। एक साल के अंदर ही आरोपी सांसद कुंवर भारतेंद्र को एएमयू कोर्ट सदस्य बनाने से मुस्लिम समाज आहत हुआ है। यह मुसलमानों के जख्म पर नमक लगाने जैसा है।