उत्तर प्रदेश के जेलों में जघन्य आपराधिक मामलों में 227 पुलिस वाले बंद हैं। इनमें एक को मृत्युदंड की सजा सुनाई जा चुकी है। इन पुलिसवालों में 30 दारोगा और 1 क्षेत्राधिकारी शामिल हैं। क्षेत्राधिकारी का नाम अमरजीत शाही है, जिस पर कानपुर में बालिका से बलात्कार और दलित उत्पीड़न का आरोप लगा था।
मृत्युदंड की सजा पाए सिपाही का नाम अमर सिंह है, वह फतेहगढ़ कारागार में बंद है। विधान परिषद में सोमवार को विधायक जगवीर किशोर जैन के सवाल पर कारागार मंत्री रघुराज प्रताप सिंह ने लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
जानकारी के अनुसार, क्षेत्राधिकारी अमरजीत शाही के खिलाफ दर्ज मामले अभी न्यायालय में विचाराधीन हैं। मृत्युदंड की सजा पाए अमर सिंह को तीन मई 2009 को कानपुर की जिला अदालत ने हत्या के एक मामले में दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी। इसके अलावा 110 पुलिसकर्मी आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं जबकि दस पुलिसकर्मी सात से 12 साल की सजा भुगत रहे हैं।
95 पुलिसकर्मियों के मामले अदालतों में विचाराधीन हैं जबकि तीन मामलों में दोष सिद्ध हो गया है और सजा नहीं सुनाई गई है। अन्य आठ मामलों में अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।