बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राज्य में विकास की गाथा लिखने और बदलाव लाने के लिए प्रतिष्ठित 'फॉरेन पॉलिसी (एफपी) मैगजीन' ने विश्व के शीर्ष 100 चिंतकों की सूची में स्थान दिया है। नीतीश को अपराध, भ्रष्टाचार और विकास की कमी की समस्याओं का निदान करने के लिए अभिनवकारी कार्यक्रमों के माध्यम से भारत के सबसे निर्धनतम राज्य में आमूलचूल बदलाव लाने की उपलब्धि के लिए यह स्थान मिला है।100 की सूची में नीतीश को 77वां स्थान दिया गया है।
सूची में म्यांमार की लोकतंत्र समर्थक नेता आंग सान सू ची को पहला स्थान मिला है। सूची में अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा, माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और अमेरिका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन को भी जगह दी गई है।
मैगजीन में कहा गया कि देश में सरकारी अकर्मण्यता के लिए प्रसिद्ध जंगल राज के लिए जाने जाने वाले बिहार में तब से बदलाव आना शुरू हो गया, जब नीतीश कुमार ने 2005 में सत्ता की बागडोर संभाली। नीतीश कुमार ने अपने दो कार्यकालों में अपराध समाप्त करने, भ्रष्ट अधिकारियों को नियंत्रित करने और आर्थिक विकास के लिए कई नवीन कार्यक्रम शुरू किए। मैगजीन में कहा गया कि नीतीश कुमार ने त्वरित न्याय के लिए फास्ट ट्रैक अदालत स्थापित किया, भ्रष्टाचार की पोल खोलने वालों के लिए नकद इनाम दिए और भ्रष्टाचार की शिकायतों को यूट्यूब पर डाला।
मैगजीन के मुताबिक उन्होंने करीब 15 हजार स्कूल बनवाए, डेढ़ लाख शिक्षकों की नियुक्ति की, लड़कियों को साइकिल बांटी ताकि वे विद्यालय जा सकें और उपेक्षित जाति के लोगों को रेडियो बांटी। मैगजीन के मुताबिक बिहार में अपराध घटा है और शिक्षा की स्थिति बेहतर हुई है, जिससे पता चलता है कि नीतीश की कोशिशें सफल हुई हैं।