प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में जगह पाने से रह गए हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड समेत कई राज्यों को सरकार में जल्द ही प्रतिनिधित्व मिलने की उम्मीद है।
भाजपा और सहयोगी दलों के दबाव के बाद अब पीएम जल्द ही मंत्रिमंडल का विस्तार करेंगे, जो 15 जून के बाद और बजट से पहले कभी भी हो सकता है।
मंत्रिमंडल के इस विस्तार में लगभग दो दर्जन नए मंत्री बनाए जा सकते हैं।
पहले माना जा रहा था कि मंत्रिमंडल का विस्तार महाराष्ट्र, हरियाणा आदि राज्यों के विधानसभा चुनाव के बाद होगा। लेकिन पार्टी में बढ़ते असंतोष को देखते हुए पीएम को जल्द मंत्रिमंडल विस्तार का फैसला करना पड़ रहा है।
नाराजगी की जाएगी दूर
पार्टी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी बुधवार को मोदी से मिलकर नाराजगी जता चुके हैं। शिवसेना समेत कई अन्य सहयोगी दल भी नाराज हैं। नाराज शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को मनाने के लिए खुद मोदी को उनसे बात करनी पड़ी।
मोदी मंत्रिमंडल में 17 राज्यों को जगह नहीं मिली है। इनमें हिमाचल और उत्तराखंड भी शामिल हैं, जहां लोगों से सभी सीटें भाजपा की झोली में डाली हैं।
मंत्री पद को लेकर हो रही आलोचना
राजस्थान की सीएम वसुंधरा राजे भी खासी नाराज हैं, क्योंकि प्रदेश की सभी सीटें जिताने के बावजूद राजस्थान को मात्र एक राज्यमंत्री का पद मिला है। स्मृति ईरानी को मानव संसाधन विकास जैसा मंत्रालय दिए जाने की भी आलोचना हो रही है।
मंत्रालयों का विलय किए बगैर ही एक ही मंत्री को कई मंत्रालयों का जिम्मा सौंपने से काम प्रभावित होने की आशंका है। इसी तरह रक्षा मंत्रालय के लिए भाजपा में ‘योग्य’ व्यक्ति नहीं मिलने की भी आलोचना हो रही है।
लोकसभा का पहला सत्र 4 जून से
16वीं लोकसभा का पहला सत्र 4 जून से 11 जून तक चलेगा, जबकि राज्यसभा में सत्र की शुरुआत 9 जून से होगी।
स्पीकर का चुनाव 6 जून को होगा और 9 जून को राष्ट्रपति संसद के दोनों सदनों को संबोधित करेंगे। पहले सत्र में लोकसभा में 6 और राज्यसभा में 3 बैठकें होंगी।