कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर उद्योगपतियों के लिए श्रम कानून को कमजोर करने का आरोप लगाया है। उन्होंने प्रधानमंत्री को मजदूर विरोधी करार देते हुए कहा कि वह सोचते है कि देश के मजदूर बेईमान और कामचोर हैं और उनसे सिर्फ लाठी के जोर पर काम करवाया जा सकता है।
राहुल के मुताबिक राजस्थान, गुजरात और अब हरियाणा में मजदूर विरोधी कानून बन रहे हैं। इन कानूनों के जरिये प्रधानमंत्री ने मजदूरों पर बहुत बड़ा हमला शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि मजदूरों के लिए वह मोदी, भाजपा और आरएसएस से लड़ने के लिए तैयार है।
राहुल गांधी ने पार्टी से जुड़े श्रमिक संगठन इंटक के सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री चाहते हैं कि मजदूर उनके सामने घुटने टेक दें। वह चाहते हैं कि मजदूर घुटने टेक कर काम करें और वे डर से जिए। उन्होंने कहा कि मजदूरों के लिए कांग्रेस ने सुरक्षा चक्र तैयार किया था, जिसे मोदी जी तोड़ना चाहते हैं। उन्होंने पीएम पर कटाक्ष करते हुए कहा कि आजकल फेसबुक, ट्विटर व सेल्फी के दिन हैं।
वृद्धि और विकास अरबपतियों के लिए
राहुल गांधी ने कहा, ‘मैं नहीं जानता मोदी जी कि आपको कौन सलाह देता
है, लेकिन आप कुछ समय उन लोगों के साथ बितायें, जो वास्तव में मजदूरों से
मिलते और बात करते हैं।’ उन्होंने कहा कि मजदूर तब बेहतरीन काम करते हैं,
जब आप उनका सम्मान करते हैं।
वे उस समय बेहतरीन प्रदर्शन करते हैं जब आप
उनके साथ समानता का व्यवहार करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मेरा मेक इन
इंडिया का आइडिया नरेंद्र मोदी से अलग है।
वे बल से उनसे काम करना चाहते
हैं। हम नहीं चाहते कि मजदूरों के बच्चों के भविष्य की शर्त पर देश की नींव
पड़े। उन्होंने श्रमिकों से कहा कि वह उन्हें लोकसभा, राज्यसभा,
मंत्रिमंडल, पंचायत व नगरपालिका में देखना चाहते हैं।
सफल नहीं होगा मेक इन इंडिया
राहुल
गांधी ने कहा कि हमने वृद्धि और विकास शब्द बहुत सुने मगर कुछ अरबपतियों
और हवाई जहाज में उड़ने वालों के लिए ही ये शब्द बने हैं।
राहुल ने कहा कि
मजदूरों के रोजगार की सुरक्षा घटाकर उनसे बेहतर काम नहीं कराया जा सकता।
यूनियन बनाना मुश्किल करने से मजदूरों की समस्या हल नहीं होगी।
बुनियादी
जरूरतें खत्म करने से मेक इन इंडिया सफल नहीं होगा। पानी, टॉयलेट, सुरक्षा
के उपाय, आठ घंटे काम और ओवर टाइम के लिए भुगतान हटाने से मजदूर की
कार्यक्षमता नहीं बढ़ेगी।