शुक्रवार को स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी सरकार की प्राथमिकताओं का ख़ाका पेश किया। क़रीब एक घंटे के भाषण में उन्होंने टॉयलेट और सफ़ाई अभियान से लेकर बलात्कार, साम्प्रदायिक हिंसा और देश के विकास समेत कई मुद्दों पर बात की।
आइए जानते हैं, उनके भाषण की अहम बातें:
1- मोदी ने महिलाओं के खिलाफ़ अपराधों को ख़त्म करने पर ज़ोर दिया। इसके लिए उन्होंने माता पिता से अपने बच्चों की अच्छी परवरिश करने को कहा।
2- प्रधानमंत्री ने साम्प्रदायिकता और हिंसा का मुद्दा उठाते हुए इसे ख़त्म करने की अपील की। मोदी ने कहा, "ख़ून से धरती लाल ही होगी, और कुछ नहीं मिलेगा। दस साल में हम विकसित समाज की ओर जाना चाहते हैं।"
3- कन्या भ्रूण हत्या की समस्या पर मोदी ने कहा, "बेटों की आस में बेटियों की बलि मत चढ़ाइए। राष्ट्रमंडल खेलों में बिटियों ने भारत का गौरव बढ़ाया है।"
4- देश के विकास के लिए मोदी ने एक बार फिर पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर बल दिया।
5- मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री जनधन योजना के माध्यम से ग़रीबों को बैंक अकाउंट से जोड़ा जाएगा और हर कार्ड धारक को डेबिट कार्ड और एक लाख की बीमा सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।
6- प्रधानमंत्री ने देशवासियों और युवाओं से 'स्किल इंडिया' के ज़रिए विकास को मिशन बनाने का संकल्प लेने को कहा। उन्होंने विदेशों में रह रहे भारतीयों को भी देश के निर्माण में भागीदारी का निमंत्रण दिया।
7- मोदी ने कहा कि दो अक्टूबर से देश में सफ़ाई का अभियान शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सांसद को सांसद निधि से एक साल तक स्कूलों में टॉयलेट बनाने पर खर्च करने करने का संकल्प लें।
8- प्रधानमंत्री ने कहा कि देश को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए संकल्प लेना होगा और देश को आयातक से निर्यातक देश बनाना है।
9- उन्होंने ई गवर्नेंस, मोबाइल गवर्नेंस और टूरिज़्म से विकास को गति देने की बात भी कही।
10- मोदी ने संसद के नाम से संसद ग्राम योजना की घोषणा भी की। इस योजना के तहत हर सासंद को अपने क्षेत्र में एक गांव को आदर्श ग्राम बनाया जाएगा और इसका ब्लू प्रिंट 11 अक्तूबर को जारी किया जाएगा।
11- मोदी ने योजना आयोग की जगह नई संस्था बनाने की घोषणा करते हुए कहा, "कभी कभी पुराने घर की मरम्मत पर ख़र्चा ज्यादा आता है और संतुष्टि नहीं होती। फिर लगता है कि नया ही घर बना दिया जाए।"
12- उन्होंने कहा कि ग़रीबी उन्मूलन का संकल्प लेना होगा। दक्षिण एशियाई देश मिलकर ग़रीबी उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित करें।
13- विदेश नीति पर बोलते हुए उन्होंने सभी पड़ोसी देशों से रिश्ते बेहतर करने पर बल दिया।
14- मोदी ने पर्यटन पर ख़ास तौर से ज़ोर दिया।
15- मोदी ने ख़ुद को प्रधानमंत्री नहीं, बल्कि प्रधान सेवक बताया।