पठानकोट मामले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पाक डिप्लोमेसी पर बेशक सियासी सवाल खड़े हो रहे हैं लेकिन संघ को कोई शिकायत नहीं है। वह मोदी की पाक डिप्लोमेसी से अब भी संतुष्ट है। हालांकि संघ पठानकोट में भारी संख्या में सैनिकों की शहादत को लेकर चिंतित जरूर है।
महाराष्ट्र के जलगांव में बुधवार से शुरू हो रही संघ परिवार की समन्वय बैठक में भाग लेने गए एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने मोदी की पाक डिप्लोमेसी पर संतुष्टि जताते हुए कहा कि रणनीतिक रूप से सरकार सफल रही है।
पठानकोट की घटना को अंजाम देकर आतंकियों ने चुनौती जरूर पेश की है मगर संघ को उम्मीद है कि सरकार इसका जवाब देगी। कुशल रणनीति के तहत मोदी सरकार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और आईएसआई प्रमुख राहिल शरीफ के बीच दरार पैदा करने में सफल रही है।