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हमलावरों ने दीवार पर लिखा, अफजल का इंतकाम

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अफगानिस्तान के शहर मजार-ए-शरीफ स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हमला करने वाले आतंकियों ने मारे जाने से पहले दीवार पर लिखा कि उन्होंने अफजल गुरु की फांसी का बदला ले लिया। भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हमले और 2003 के संसद हमले के गुनाहगार अफजल गुरु के कनेक्शन से खुफिया एजेंसियां चौंक गई हैं। मजार-ए-शरीफ स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास पर रविवार की रात चार आत्मघाती हमलावारों ने हमला किया था।
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अफगान पुलिस ने बताया कि हमलावरों ने अपने खून से दीवार पर लिखा है, 'अफजल का इंतकाम'। लगभग 25 घंटों तक चली मुठभेड़ में सोमवार की रात सभी हमलावरों को मार गिराया गया।

उल्लेखनीय है कि अफजल गुरु को 2013 में तिहाड़ जेल में फांसी दे दी गई थी। उसे 13 दिसंबर, 2003 के संसद हमले का दोषी ठहराया गया था। अफजल को फांसी दिए जाने पर कश्मीर में विरोध प्रदर्शन हुए थे।
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चार आतंकियों ने किया था दूतावास पर हमला

अफगानिस्तान की पुलिस स्पेशल फोर्स के जवान सोमवार की रात उस ‌इमारत में घुसे थे, जिससे हमलावर दूतावास की इमारत पर हमला कर रहे थे। जो तस्वीरें सामने आई हैं, उनमें एक कमरे की दीवार पर उर्दू भाषा में अफजल की फांसी का इंतकाम लिए जाने की घोषणा की गई है। पुलिस ने बताया कि इमारत के इसी कमरे से दो आतंकी लगातार गोलियां चला रहे थे।

उन्होंने दीवार पर अपने खून से दो संदेश लिखे। पहले में अफजल के इंतकाम की बात कही गई है, जबकि दूसरे में लिखा गया है,'' एक शहीद, हजार फिदायीन''। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, हमलावरों की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। किसी संगठन ने भी अब तक हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

हालांकि भारतीय सुरक्षा एजेंसियों का मानना है ‌कि अफजल गुरु मौलाना मसूद अजहर के संगठन जैश-ए-मोहम्‍मद से जुड़ा हुआ था। पठानकोट हमले के पीछे भी जैश का ही हाथ माना जा रहा है।
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