भाजपा अब शिवभक्त कांवडियों को गंगा को स्वच्छ बनाने की शपथ दिलाएगी। कांवड यात्रा के दौरान देशभर में कांवडियों से पार्टी गंगा को स्वच्छ बनाने की अपील करेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वपनिल नमामि गंगे अभियान को सफल बनाने के लिए पार्टी ने इस अभियान से कांवडियों को जोड़ने की योजना बनाई है।
बताया जा रहा है कि अपने प्रयासों के जरिए भाजपा सभी कांवडियों को गंगा स्वच्छता की शपथ दिलाएगी। इस कवायद में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने अपनी टीम को सक्रिय कर दिया है।
सियासी जमीन भी होगी मजबूत!
नमामि गंगे अभियान को जनता के बीच ले जाने के लिए पार्टी स्तर पर बनी
नमामि गंगे समिति के प्रमुख त्रिवेंद्र सिंह रावत से कहा गया है कि वे
कांवडियों को साधने की योजना को जमीन पर उतारने में जुटें।
पार्टी नेताओं
का अनुमान है कि हर साल करीब 2 करोड़ शिवभक्त कांवडिये गंगा से जल लेने
जाते हैं। पार्टी की रणनीति उन्हें साधकर अभियान से जोड़ने की है।
इसलिए
पार्टी रणनीतिकार नमामि गंगे अभियान को सफल बनाने के लिए कांवड यात्रा और
कांवड़ियों को अहम मान रहे हैं। वैसे पार्टी के इस अभियान को सियासी जमीन
मजबूत करने की कवायद के रूप में भी देखा जा रहा है।
कांवडियों को दिलाएंगे शपथ
कांग्रेस पार्टी पहले
ही सरकार के नमामि गंगे अभियान और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को सांप्रदायिक
राजनीति का हिस्सा करार दे चुकी है।
भाजपा की योजना श्रावण मास में
होने वाली कांवड यात्रा के जरिए नमामि गंगे अभियान को लोकप्रिय बनाने के
साथ युवाओं को इसका हिस्सेदार बनाना है।
इस प्रयास में भाजपा कार्यकर्ता 1
अगस्त से शुरू हो रहे कांवड यात्रा के दौरान कांवडियों को गंगा को स्वच्छ
बनाने की शपथ दिलाएंगे। उनसे आग्रह किया जाएगा कि वे प्रण लें कि गंगा में
गंदगी नहीं बहाएंगे, साबुन नहीं लगाएंगे और गंगा में पडी गंदगी को उठाकर
बाहर डालेंगे।
इसके लिए कांवड यात्रा के मार्गों पर भाजपा अपने शपथ पत्र के
बोर्ड लगाएगी। तो कांवड़ियों को शपथ दिलाने के लिए पार्टी कार्यकर्ता
जगह-जगह विशेष काउंटर लगाएंगे।
अमित शाह ने की मंत्रणा
मुख्य फोकस गाजियाबाद से हरिद्वार रोड़ पर
रहेगा। जहां से हर साल हजारों कांवडिए जल लेने जाते हैं।पार्टी मुख्यालय में नमामि गंगे समिति की बैठक में भाजपा अध्यक्ष शाह ने
पूरी रणनीति पर पार्टी नेताओं से मंत्रणा की।
इसके बाद उत्तराखंड,
उत्तरप्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के अपने राज्य इकाईयों से
पार्टी आलाकमान ने कहा है कि वे गंगा किनारे के इलाकों में 15 जुलाई से
पहले जिला एवं मंडल स्तर पर नमागि गंगे समिति का गठन करें। कांवड़ियों के
बीच शपथ दिलाने का कामकाज इस समिति के जिम्मे रहेगा।