पेरिस में पर्यावरण सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से मुलाकात का कांग्रेस ने स्वागत करने के साथ ही सवाल भी खड़े किए हैं।
कांग्रेस ने कहा है कि पाकिस्तान से बातचीत का पार्टी ने कभी विरोध नहीं किया है। मगर सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। कांग्रेस ने कहा है कि सीमा पार आतंकवाद पर दो टूक बात होने के साथ ही पाकिस्तान से बातचीत आगे बढ़नी चाहिए।
कांग्रेस ने कहा है कि मोदी सरकार को पाकिस्तान से बातचीत करने से पहले विपक्ष को भरोसे में लेना चाहिए। लोकसभा में संसदीय दल के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि पाकिस्तान से बातचीत करना अच्छी बात है। मगर सरकार को बताना चाहिए कि बातचीत में क्या चर्चा हुई। खड़गे ने कहा कि सीमा पार आतंकवाद सबसे बड़ा मुद्दा है। पाकिस्तान के सामने इस मुद्दे को मजबूती से उठाने की जरूरत है।
वहीं कांग्रेस सांसद पी एल पुनिया ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पर हमेशा वहां की सेना का दबाव रहता है। पीएम मोदी ने बातचीत शुरू की है। यह अच्छे संकेत है। मगर औपचारिक बातचीत शुरू करने से पहले भारत को इसके नतीजों के बारे में पहले से ही सोच लेना चाहिए।