सरकार बनने के सौ दिन के भीतर काला धन वापसी लाने के दावे पर मोदी सरकार ने यू-टर्न मार लिया है।
लोकसभा चुनावों प्रचार में इस संबंध में जमकर प्रचार भी किया गया था। मगर अब संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा है कि हमने कभी नहीं कहा कि काला धन सौ दिन के भीतर वापस लाएंगे। इसके लिए उन्होंने भाजपा के चुनावी घोषणा पत्र का भी हवाला दिया।
उधर, वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी काला धन वापसी को लेकर कोई समय सीमा तय करने पर मजबूरी जताई है। हालांकि उन्होंने यह जरूर कहा कि चाहे जितना भी समय लगे, सरकार काला धन वापस लाकर रहेगी।
साथ ही उन्होंने सियासी दलों से मामले की गंभीरता को समझते हुए राजनीति नहीं करने की भी अपील की। साथ ही उन्होंने नियमों में सुधार की भी बात कही है।
वित्त मंत्री ने कहा कि काले धन की वापसी बाहुबल दिखाने या साहसिक कदम उठाने से नहीं होगी बल्कि इस पर एक समावेशी कानून की जरूरत है। काले धन पर लोकसभा में दो दिनों तक चली बहस का जवाब देते हुए अरुण जेटली ने स्वीकार किया कि कानून में कमजोरी है।